शाजापुर ट्रेन धमाका है इस्लामिक स्टेट की करतूत, यह है सबूत

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Updated on 9 Mar, 2017 at 1:06 pm

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मीडिया में इस बात पर बहस छिड़ी है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों के तार इस्लामिक स्टेट से जुड़े हुए हैं या नहीं। उत्तर प्रदेश पुलिस कह रही है कि इन आतंकियों के इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश पुलिस का इस मामले में कुछ और ही कहना है।

मध्य प्रदेश पुलिस को जो सबूत मिले हैं, वे साफ इशारा करते हैं कि ट्रेन धमाके में शामिल होने वाले आतंकावादी इस्लामिक स्टेट के बैनर तले काम कर रहे थे।

धमाके के लिए जिस पाइप का इस्तेमाल किया गया था उस पर साफ शब्दों में लिखा हुआ है- इस्लामिक स्टेट, वी आर इन इंडिया। इसके अलावा जिस स्थान पर धमाका हुआ है, उस स्थान की तस्वीर हैन्डलर के फोन में मिली है। इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था।

ये दोनों सबूत साफ करते हैं कि धमाके में शामिल आतंकी इस्लामिक स्टेट से संपर्क में बने हुए थे। यही बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कहते हैं।

वहीं, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा है कि मुठभेड़ में मारे गए सैफुल्लाह और उसके साथी इस्लामिक स्टेट के ऑनलाइन प्रोपेगैन्डा से प्रभावित थे। लेकिन उनके इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। इन आतंकियों ने खुद ही कानपुर-लखनऊ में स्वयंभू इस्लामिक स्टेट खुरासान सेल बना लिया था। बाहर से इनकी कोई फंडिंग नहीं थी।



लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके के जिस मकान में मुठभेड़ की घटना हुई थी, वहां से भारी मात्रा में गोली-बारूद के अलावा इस्लामिक स्टेट का झंडा भी बरामद किया गया है।

7 मार्च की सुबह मध्य प्रदेश के शाजापुर में भोपाल-पैसेंजर ट्रेन में हुए धमाके में कम से कम 10 लोग घायल हो गए थे। इसे देश में इस्लामिक स्टेट का पहला हमला माना गया है।


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