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माउंट एवरेस्ट पर ली गई गई इस सेल्फी से साफ है कि धरती गोल है!

6:32 pm 13 Apr, 2018

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सेल्फी अमूमन मौज में आकर ली जाती है। इसका कोई मतलब हो, ऐसा कम ही होता है। अब तो ग्रुप फोटो भी सेल्फियाना होता जा रहा है। कुल मिलाकर देखें तो सेल्फी पर बात बेमानी है। हालांकि, एक सेल्फी ने धरती को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। या यूं कह सकते हैं कि धरती को चपटी मानने वालों को यह एक करारा जवाब है।

 

कुछ लोग मानते हैं कि धरती पूरी तरह सपाट है। धरती को गोल बताने की कवायद को ये लोग कॉन्सपिरेसी थ्योरी करार देते हैं। ऐसा मानने वाले इतने लोग हैं कि इन्होंने अपनी एक अलग कम्यूनिटी बना रखी है। इस कम्युनिटी का नाम फ़्लैट अर्थ सोसाइटी है। ये लोग इस बात को साबित करने पर तुले रहते हैं कि धरती गोल नहीं, बल्कि सपाट है।

 

एवरेस्ट से आई ये सेल्फ़ी फ़्लैट अर्थ सोसाइटी के लोगों को निराश कर सकती है।

Checkmate Flat Earth Society from pics

 

माउंट एवरेस्ट दुनिया का सबसे ऊंची चोटी है जो समुद्रतल से करीब 8,848 मीटर ऊपर है। यहां पहुंचे एक पर्वतारोही ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया साइट रेडिट्ट पर पोस्ट किया है।

 


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उसने लिखा हैः

‘फ़्लैट अर्थ सोसाइटी को शह और मात।’

 

एक अन्य रेडिट्ट यूजर ने बात का समर्थन करते लिखा है कि ये सामान्य सी बात है कि अगर धरती चपटी होती तो सबसे ऊंची चोटी से पूरी धरती दिख सकती,  लेकिन ऐसा नहीं है, मात्र 2.5 प्रतिशत हिस्सा ही देखना संभव हो रहा है।

 

अब फ़्लैट अर्थ सोसाइटी वाले ये देखिए क्या बता रहे हैं।

 

 

अब देखना ये है कि बहस कहां तक पहुंचती है। सोशल मीडिया से कुछ परिणाम निकलता है तो ये एक बड़ी बात होगी। ये भी गौर करने वाली बात है कि आखिर धरती को चपटी मानने के पीछे तर्क क्या है!

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