अब ‘सेल्फ ड्राइविंग कार’ में लगेंगी आंखें, जगुआर ने किया अनोखा आविष्कार

Updated on 31 Aug, 2018 at 2:01 pm

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विश्वभर में आज कार उद्योग काफी फल-फूल चुका है। कार बाजार में हर रोज एक से बढ़कर एक कारें देखने को मिल रही है। मोटर कारों में आधुनिक सुविधाएं देने के लिए नित-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। नफे-नुकसान से ऊपर उठकर कार निर्माता कंपनियां ने अब कुछ अदभुत आविष्कार करने शुरू कर दिए हैं। वाहन निर्माताओं द्वारा किए जा रहे ये प्रयोग भविष्य के लिए अहम साबित हो सकते हैं। कारों की दुनिया में एक ऐसा ही आविष्कार है ‘सेल्फ ड्राइविंग कार’। यानी एक ऐसी मोटर कार जिसमें कोई ड्राइवर नहीं होगा।

 

 


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कार मेकर्स इस तरह की कारों को सड़क पर उतारने के लिए वर्षों से लालायित रहे हैं, लेकिन लोग अभी भी सेल्फ ड्राइविंग कार पर पूरी तरह विश्वास नहीं करते। हाल ही में अमेरिका में हुए एक सर्वे के दौरान ये बात सामने आई थी कि लोग ड्राईवरलेस कारों की बजाय खुद कार चलाना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।

ड्राइवरलेस गाड़ियों के प्रभाव को देखते हुए हाल ही में ऑटोमोबाइल कंपनी जगुआर लैंड रोवर ने सेल्फ-ड्राइविंग कार में वर्चुअल आखें डालने का फैसला किया है, कंपनी द्वारा निर्मित ये वर्चुअल आंखें’ ड्राइवर लेस कारों में लगाई जाएंगी, जिससे ये कार सड़क पर चल रहे लोगों को देख सकेगी। यानी जिस तरह कोई रोबोट आंखों की मदद से देख सकता है ठीक वैसे ही इन गाड़ियों में भी आंखे लगाई जाएंगी।

 



बताया जा रहा है कि जगुआर कंपनी के इंजीनियर्स ने ये वर्चुअल आखें बनाई हैं। आखों की मदद से ये कारें सड़क पर खड़े या आस-पास चल रहे किसी भी व्यक्ति को देख सकेंगी। इन आंखों से सड़क पर मौजूद लोगों को इस बात के संकेत मिल जाएंगे कि गाड़ी उन्हें देख रही है।

 

कारों में वर्चुअल आखेें लग जाने से इन गाड़ियों की बिक्री में भी तेजी से इजाफा देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल अमेरिका में 63% लोगों को अभी भी सेल्फ ड्राइविंग कार से डर लगता है।

 


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