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मुंबई के बारिश पर सबकी नजर है, असम के बाढ़ पर क्यों नहीं ?

Published on 30 August, 2017 at 5:01 pm By

मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। अफरा-तफरी मची है। सोशल मीडिया से लेकर मेन स्ट्रीम मीडिया तक में मुंबई छाया हुआ है। यहां तक कि नेता, समाजिक कार्यकर्ता और आम जनता मुंबई-मुंबई कर रहे हैं। कहना चाहिए कि पूरे देश का ध्यान मुंबई की तरफ लगा हुआ है। चंद दिनों की बारिश में मुंबई हालाकान है। चौंकने वाली बात यह है कि पिछले कई पखवाड़े से असम लगातार बाढ़ के पानी से जूझ रहा है, लेकिन इसके बारे में न तो सोशल मीडिया में चर्चा हो रही है और न ही मेन स्ट्रीम मीडिया में कोई कवरेज।

अब पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग ने असम के बाढ़ की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

Twitter

सहवाग ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरों के माध्यम से असम के बाढ़ को दिखाने की कोशिश की है। साथ ही एक पोस्टर लिए लडकी की तस्वीर भी साझा किया है, जिसमें गंभीर संदेश लिखा हुआ है।

Twitter


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संदेश में कहा गया है कि मुंबई की बारिश को पूरा मीडिया कवरेज करने पर तुला हुआ है, लेकिन असम में आयी बाढ़ पर किसी का ध्यान नहीं है, जिसमें प्रत्येक वर्ष सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है। आज के दौर में हमारे पास 24×7 मीडिया उपलब्ध है, फिर भी जहां जरूरी है, वहां की न्यूज कवर नहीं की जाती है। कवरेज सिर्फ महानगरों तक ही सीमित रहती है।

इस तस्वीर में बाढ़ग्रस्त असम में दो लोग स्कूटी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

Twitter

मुंबई की ज़रा सी बारिश और जनजमाव राष्ट्रीय महत्व की खबर बन जाती है तो असम या फिर सुदूर इलाकों की विपदा भी मीडियाकर्मियों को कुछ खास नजर नहीं आती, जिसमें सैकड़ों लोगों की जानें तक चली जाती हैं।



असम और बिहार की कमोवेश एक ही स्थिति है। इन दोनों राज्य में सालाना बाढ़ आती है और उसके बाद बड़ी तबाही रिकॉर्ड होती है। इस समस्या के स्थानीय निदान की जरूरत है।

यह रहा सहवाग का ट्विट।


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मीडिया महानगरों के चकचौंध से बाहर निकल नहीं पाती, फलस्वरूप उसके माध्यम से जो लाभ पिछड़े क्षेत्रों को मिलना चाहिए वो मिल नहीं पाता है। सहवाग के इस  ट्विट पर लोग उनकी तारीफ़ कर रहे हैं।

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