ट्विटर पर मज़ा ही नहीं लेते मदद भी करते हैं, सहवाग के कारण एक किसान का बेटा फिर दौड़ेगा

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Updated on 12 Nov, 2016 at 11:18 am

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वीरेंदर सहवाग ट्विटर पर अपनी हाजिरजवाबी के लिए जाने जाते हैं। किसी को अलग अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं देनी हो या फिर एकदम बड़बोले अंदाज में अपनी बात रखना, ये सब वह बिंदास अंदाज में करते रहे हैं। लेकिन इस बार ट्विटर के माध्यम से जो सहवाग ने किया है, वह वाकई सराहनीय है। सहवाग की एक कोशिश से एक किसान का बेटा अब फिर से दौड़ सकेगा।

2015 में उत्तर प्रदेश के सतीश नाम के एक युवक को एक्सीडेंट में अपना दायां पैर गंवाना पड़ा। परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे सतीश का इलाज करा सकें। किसान पिता ने अपने खेत बेच डाले, किसी तरह से जितना कुछ था उसे बेचकर पैसा जमा किया गया, लेकिन वह इलाज के लिए बहुत कम था। ऐसे में जब यह बात सहवाग तक पहुंची तो उन्होंने ट्वीट कर लिखा :

इस कड़ी में सहवाग अपनी फाउंडेशन और रेडियो फीवर एफएम के साथ मिलकर सतीश की मदद के लिए आगे आए और ‘भारत हाथ जोड़ेगा, अपना सतीश फिर दौड़ेगा’ के अभियान की शुरुआत की।

सतीश को कृत्रिम पैर की जरूरत थी, जिसके लिए उसके किसान परिवार के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में सहवाग आए और लोगों से हर संभव मदद करने की अपील की।


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इसके बाद लोग अपने मुताबिक मदद के लिए आगे आए और साथ ही  बैंगलोर की एक कृत्रिम पैर बनाने वाली कंपनी भी मदद के लिए आगे आई और डिस्काउंट रेट पर 7.5 लाख में कृत्रिम पैर देने को तैयार हो गई।

सहवाग ने कुछ दिनों पहले ट्वीट किया था कि हम सब में इतनी ताकत है कि एक किसान के बेटे सतीश को अपने पैरों पर खड़ा करके उसकी ज़िन्दगी का रुख बदल सकते हैं। सच में आज एक कोशिश से सतीश फिर से अपने पैरों पर खड़े हो गए हैं।

सहवाग के इस ख़ास अभियान के जरिए, इलाज के लिए जितने पैसे चाहिए थे वह 11 दिनों के भीतर इकट्ठा हो गए। अब सतीश अपने दोनों पैरों पर खड़े हैं। वाकई इसे कहते है भारत की एकता की ताकत।

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