अंटार्कटिका की बर्फीली गुफाओं के भीतर के गर्म वातावरण में हो सकता है एक नया जीव जगत

9:57 pm 12 Sep, 2017

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वैज्ञानिकों का मनना है कि अंटार्कटिका ग्लेशियरों के भीतर गर्म गुफाओं में जीव जन्तुओं और वनस्पतियों की रहस्मयी दुनिया हो सकती है। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) की ओर से किए गए अध्ययन में पाया गया कि अंटार्कटिका के रोस द्वीप में सक्रिय ज्वालामुखी माउंट इरेबस के इर्द गिर्द के क्षेत्र में झरनों के बहाव ने बड़ी गुफा का जाल बना दिया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन गुफाओं से मिले मृदा के नमूनों के अध्ययन से इसमें शैवाल, मॉस और छोटे जन्तुओं के अंश पाए गए।

एएनयू फेनर स्कूल ऑफ इंन्वॉयरमेंट एंड सोसाइटी के सी फ्रॉसर कहते हैंः

‘‘गुफाएं अंदर से बेहद गर्म हो सकती हैं। कुछ गुफाओं में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक भी हो सकता है। आप वहां टीशर्ट भी पहन कर आराम से रह सकते हैं। गुफा के मुहाने में रोशनी है और कुछ गुफाओं में जहां बर्फ की पर्त पतली है वहां अंदर की ओर रोशनी के फिल्टर्स हैं।’’


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फ्रॉसर पोलर बायोलॉजी जनरल में प्रकाशित अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता हैं।

उन्होंने कहा कि माउंट इरेबस की अधिकतक गुफाओं से मिले डीएनए अंटार्कटिका में अन्य स्थानों पर पाए जाने वाले मॉस, शैवाल और अकशेरुकी जीवों सहित पेड़ों और जानवरों के डीएनए से मिलते-जुलते हैं।

इस अध्ययन से एक झलक मिलती है कि अंटार्कटिका के बर्फ के अंदर क्या हो सकता है। वहां वनस्पतियों और जंतुओं की नई प्रजातियां भी मौजूद हो सकती हैं. फ्रॉसर कहते हैंः ‘‘अगला कदम गुफाओं को अधिक नजदीकी से देखना और किसी जीवित जीव जन्तु की तलाश करना है। अगर वहां वे मौजूद हैं तो एक नई दुनिया का पता लग सकेगा।’’

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