भारत के समुद्र में अरबों का ‘खजाना’, जानकर हैरत में पड़ जाएंगे आप

Updated on 18 Jul, 2017 at 11:55 am

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भारतीय वैज्ञानिकों को ‘समुद्र में खजाना’ मिलने से खुशी की लहर है। भारी मात्रा में समुद्री संसाधनों का पता चलने की खबर है। अनुसंधान के अनुसार वैज्ञानिकों को और भी सफलता मिलने की उम्मीद है।

जिऑलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों ने पानी के नीचे लाखों टन कीमती धातुओं और खनिजों की खोज की है। इससे पहले 2014 में मंगलुरु, चेन्नै, मन्नार बसीन, अंडमान और निकोबार द्वीप और लक्षद्वीप के आसपास समुद्री संसाधनों को पहचाना गया था।


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वैज्ञानिकों के हाथ लाइम मड, फोसफेट-रिच और हाइड्रोकार्बन्स जैसी चीजें मिली हैं। 3 साल की खोज के बाद, जिऑलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने 181,025 वर्ग किमी का हाई रेजॉल्यूशन सीबेड मोरफोलॉजिकल डेटा तैयार किया है और 10 हजार मिलियन टन लाइम मड के होने की बात कही गई है।

इस अनुसंधान में तीन अत्याधुनिक अनुसंधान जहाज समुद्र रत्नाकर, समुद्र कौसतुभ और समुद्र सौदीकामा को लगाया गया है। जीएसआई के सुपरिंटेंडेंट जिऑलजिस्ट आशीष नाथ ने बताया कि इसका मुख्य मकसद मिनरलाइजेशन के संभावित इलाकों की पहचान करना और मरीन मिनरल सांसधनों का आकलन करना है।

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