बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए, महिला IAS अफसर ने की एक अनूठी पहल

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Updated on 17 Dec, 2016 at 9:12 pm

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आए दिन हम मिड डे मील में गड़बड़ी के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की खबर सुनते रहते है। ऐसे में चुनौती है कि कैसे मिड डे मील खाने को स्वास्थ्य के अनुकूल बनाया जाए।

इस ओर एक सराहनीय कदम बढ़ाते हुए एक युवा महिला आईएएस अपूर्वा दुबे ने, बच्चों को पौष्टिक और ताजा खाना उपलब्ध कराने की एक ख़ास पहल की है।

अपूर्वा ने उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में हसनापुर गांव के एक स्कूल में किचन गार्डन बनवाया है। जिसमें कई प्रकार की सब्जियां उगाई जाती है। फिर इन्ही सब्जियों से खाना तैयार कर, बच्चों को मिड डे मील में परोसा जाता है।

इस किचन गार्डन में धनिया, पालक, मूली और गाजर उगाई जाती है। वहीं मेथी, हरी मिर्च की भी बुवाई होती है।

Kitchen Garden

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कानपुर देहात में अपूर्वा दुबे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हैं। अपनी इस पहल के बारे में अपूर्वा बताती है:

“मैंने एक गांव को सालभर में कुपोषण से मुक्त करने का फैसला किया है। यदि हमारे एक छोटे से कदम से इन बच्चों का भला होता है तो क्यों ना किया जाए। ये बच्चे देश की नींव हैं। हमारी कोशिश है कि हम दूसरे स्कूलों में भी ऐसा करें।”



प्राथमिक स्कूलों में परोसे जाने वाले मिड डे मील की गिरती गुणवत्ता को लेकर चिंतित अपूर्वा ने, इस अनूठी पहल की शुरुआत की। अपूर्वा कहती है:

“यह कदम कुपोषण को जड़ से खत्म करने का एक प्रयास है। हमें बच्चों का ध्यान इस पहल की ओर आकर्षित करने और इसे कारगर बनाने के लिए मनरेगा से फंड उपलब्ध हो रहा है। अब छात्रों ने भी इस परियोजना में अपनी रूचि दिखाना शुरू कर दिया है।”

अपूर्वा की इस पहल की तारीफ़ इलाके के आला अफसर भी कर रहे है। सीडीओ आरके सिंह ने अपूर्वा के काम की जमकर तारीफ की।

इस पहल से सभी स्कूलों को भी जोड़ने का विचार है। सभी सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन बनाया जा सकता है।


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