धोनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का आपराधिक मामला खारिज

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Updated on 20 Apr, 2017 at 8:52 pm

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क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर की कोर्ट में चल रहे धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले को रद्द कर दिया है।

एक मैगजीन में धोनी की भगवान विष्णु के अवतार वाली तस्वीर छपने के बाद पूरा विवाद खड़ा हुआ था।

बिजनेस टुडे के कवर पेज पर छपी एक तस्वीर में धोनी को विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन की दुनिया के भगवान की तरह दर्शाया गया था।

उन्हें भगवान विष्णु के स्वरूप में दिखाया गया था। उनके आठ हाथों में कई तरह के प्रोडक्ट दिखाए गए, जिनमें एक हाथ में जूता भी था।

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इसे लेकर धोनी के खिलाफ कर्नाटक के बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में मुकदमे दर्ज किए गए। उन पर आईपीसी की धारा 295 के तहत धार्मिक भावनाओं  को आहत करने का आरोप लगाया गया।



इन मुकदमों के खिलाफ धोनी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि उन्होंने इस तरह की कोई तस्वीर नहीं खिंचाई। धोनी ने अपना तर्क रखते हुए कहा कि मैगजीन ने ग्राफिक्स का इस्तेमाल कर तस्वीर बनाई तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में बेंगलुरु की अदालत में धोनी के खिलाफ चल रहे मुकदमे को खारिज कर दिया था।  अब अनंतपुर के मुकदमे को भी रद्द कर दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि क्रिकेटर पर मुकदमा चलाया गया तो यह न्याय का उपहास करना होगा क्योंकि उन्होंने किसी दुर्भावना से या जानबूझकर ऐसा नहीं किया। कोर्ट ने पत्रिका के संपादक के खिलाफ भी आपराधिक शिकायत निरस्त करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने और भड़काने का मामला नहीं है।


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