अपने फैन्स से बचने के लिए सौरभ गांगुली बन गए थे सरदारजी, आप भी पहचान नहीं सकेंगे

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5:31 pm 3 Feb, 2018

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भारत में कौन सा खेल सबसे लोकप्रिय है, यक़ीनन इसका जवाब है क्रिकेट। यहां क्रिकेट को पूजा जाता है और साथ ही क्रिकेटर्स के प्रति लोगों की दीवानगी भी कई बार सामने आई है। जानी-मानी हस्ती होने के कारण उनका पब्लिक प्लेस में जाना मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि अफरा-तफरी के हालात तक बन जाते हैं।

जब भी इन्हें कहीं बाहर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाना होता है तो इन्हें अपना भेष बदलना पड़ता है, ताकि वे पब्लिक प्लेस पर जाकर एंज्वॉय कर सकें। ऐसे ही एक बार भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को भी अपनी पहचान छुपाने के लिए करना पड़ा था।

 


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दादा ने अपनी आने वाली किताब ‘ए सेंचुरी इज नॉट इनफ’ में इस घटना का जिक्र किया है। उन्होंने इस किताब में अपनी लाइफ से जुड़े कई खुलासे और मजेदार किस्से अपने फैंस के साथ शेयर किए हैं।

 

दादा ने भेष बदलने वाली घटना का जिक्र करते हुए लिखा है –

 

“मुझे दुर्गा पूजा में शामिल होना बहुत पसंद है। मुझे देवी मां के विसर्जन के वक्त जुलूस में शामिल होना भी पसंद है। बंगाल में इसे ‘बिसर्जोन’ कहा जाता है। इस वक्त देवी मां को गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है। यह दृश्य बहुत ही शानदार और प्रभावशाली होता है, उस वक्त जो एनर्जी निकलती है वह भी बहुत अच्छी होती है। विसर्जन के वक्त नदी के पास लोगों की बहुत भीड़ होती है, इसलिए एक बार जब मैं इस जुलूस में शामिल होने गया, तब मैंने हरभजन सिंह के लोगों जैसा रूप ले लिया, उस दौरान में टीम इंडिया का कप्तान हुआ करता था।”

 



आगे उन्होंने लिखा-

“मेरा सरदार जी वाला मेकअप मेरी पत्नी डोना ने किया। मेरे सभी भाई-बहन मेरा मजाक उड़ा रहे थे और कह रहे थे कि मैं पहचान लिया जाऊंगा। सबने मेरा बहुत मजाक उड़ाया, लेकिन मैंने चुनौती स्वीकार की और सिख का रूप लेकर ही दुर्गा विसर्जन के जुलूस में शामिल हुआ, लेकिन वे लोग सही साबित हुए। मुझे पुलिस ने ट्रक में जाने की अनुमति नहीं दी और मुझे अपनी बेटी सना के साथ कार में ही जाना पड़ा। जैसे ही कार बाबूघाट के पास पहुंची, पुलिस इंसपेक्टर ने कार की खिड़की के अंदर झांका, मुझे ध्यान से देखा और मुस्कुरा दिया, उसने मुझे पहचान लिया था। मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई, लेकिन मैंने उससे कहा कि वो यह बात किसी को भी न बताए। मेरा फैसला रंग लाया, मैंने दुर्गा विसर्जन देखा। वह दृश्य बेहत खास था। आपको उसे देखना चाहिए और उसे समझना चाहिए। वैसे भी दुर्गा मां पूरे साल में एक ही बार तो आती हैं।”

 

गांगुली की नई किताब ‘ए सेंचुरी इज नॉट इनफ’ इस महीने के अंत तक रिलीज़ होगी। उन्होंने ट्विटर पर किताब की पहली झलक शेयर की:

 


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