सऊदी अरब से निकाले गए 39 हजार पाकिस्तानी, इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने का अंदेशा

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Updated on 8 Feb, 2017 at 12:04 pm

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सऊदी अरब ने पिछले चार महीनों में 39 हजार से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को वापस उनके देश भेज दिया है। साथ ही यहां मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों की जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।

पाकिस्तानियों को निकालने का कारण वीजा नियमों में उल्लंघन बताया गया है, साथ ही आशंका जताई गई है कि कुछ पाकिस्तानी नागरिकों के तार अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े हो सकते हैं।

एक न्यूज रिपोर्ट में कहा गया है कि 39 हजार पाकिस्तानी नागरिकों को सुरक्षा अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर निकाला गया है। सुरक्षा अधिकारियों को इस बात का अंदेशा था कि कुछ पाकिस्तानी नागरिक इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों में शामिल रहे थे और यह सऊदी के लिए चिन्ता की बात थी। इसके अलावा पाकिस्तानी नागरिक कई तरह के अपराध कर्मों में भी लिप्त रहे थे।



ड्रग तस्करी, चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट जैसी घटनाओं में लिप्त होने की वजह से सऊदी अरब में पाकिस्तानी बेहद बदनाम रहे हैं।

यही वजह है कि अब यह आदेश जारी किया गया है कि किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को सऊदी में काम दिए जाने से पहले उसकी ठीक तरह से जांच की जाए। उनके राजनीतिक व धार्मिक रुझान जैसे पक्षों के विशेष तहकीकात पर बल दिया गया है।

निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक ये प्रक्रियाएं पूरी न हों, तब तक किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को सऊदी में नौकरी पर ना रखा जाए।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में पाकिस्तान में इस्लामिक चरमपंथी घटनाओं में तेजी आई है, जिनमें पाकिस्तानी नागरिकों की संलिप्तता रही है। इस्लामिक जिहाद को पाकिस्तान अपनी विदेश नीति के तौर पर देखता रहा है।


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