सऊदी अरब जब पर्यटकों के लिए नहीं खुला था तब कुछ ऐसा दिखता था

Updated on 23 Jan, 2018 at 1:16 pm

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सऊदी अरब सैलानियों के लिए एक पसंदीदा जगह बन गया है। हालांकि, एक दौर ऐसा भी था कि जब यह टूरिस्ट वीजा जारी नहीं करता था और गैर-मुसलमानों के लिए वहां जाना मुश्किल था। मुश्किल के उन्हीं दौर में ली गई कुछ तस्वीरें जारी की गई हैं, जो सऊदी के सालों पहले की स्थिति को बयां करती हैं।

अब सुधारों का दौर है और सऊदी सरकार सहित वहां का समाज रूढ़ियों से निकलने की कोशिश में है। पहले केवल हज करने आए लोगों को ही वहां का वीज़ा मिल पाता था। अब सऊदी अरब प्रशासन ने टूरिस्ट वीजा जारी करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान देश की अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता कम करना चाहते हैं और इसके लिए वह आर्थिक और सामाजिक सुधारों को तवज्जो दे रहे हैं। पर्यटन वीजा की शुरुआत को भी इसी का हिस्सा माना जा रहा है।

एरिक लफार्ज नामक एक व्यक्ति ने तस्वीरों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की सऊदी अरब पर्यटन वीजा जारी करने के अपने निर्णय से पहले कैसा दिखता था और अब कैसा दिखता है। लफार्ज पिछले दिनों सऊदी अरब घूमने के लिए गए थे।

लफार्ज के मुताबिक, सऊदी अरब जाने से पहले मुस्लिम धर्म से नहीं जुड़े सभी धार्मिक प्रतीक, पोर्क के प्रोडक्ट्स, पोर्न किताबें, कोडीन वाली दवाईयां, शराब या शराब मिली खाद्य आदि को छोड़ आना चाहिए। अगर आप इन सब चीजों को अपने साथ ले जाते हैं तो आपकी गिरफ्तारी तय है और इसके लिए कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान है।

सऊदी अरब में पुलिस की मुश्तैदी काबिले-तारीफ है। इसकी वजह अल-क़ायदा के हमले हैं।

यहां का क़ानून इतना कड़ा है कि उसे तोड़ने पर मौत की सज़ा भी हो सकती है।

चाय से होता है स्वागत!

लोग बाज़ पालने के शौक़ीन हैं। बाज़ों की क़ीमत 20,000 डॉलर तक हो सकती है।

यहां के लोग ऊंटों की पूजा करते हैं। इसका दूध लाभकारी माना जाता है।

सऊदी अरब ख़जूर के लिए भी जाना जाता है। ख़जूर का पेड़ इस देश के मुख्य प्रतीकों में एक है।

नमाज़ अदा करना आवश्यक होता है। ऐसा नहीं करने पर सजा का भी प्रावधान है।

यहां के कड़े नियमों से छुटकारा के लिए लोग मलेशिया, थाईलैंड आदि जगहों पर छुट्टियों में जाना पसंद करते हैं।

यहां कुछ और तस्वीर जो कि उसी समय के हैं। आप भी देखिए।

 


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