भारतीय सभ्यता की परिचायक है साड़ी, इसे पहनने का हर राज्य का है अपना अंदाज

6:46 pm 22 Jul, 2018

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भारत के हर राज्य की अपनी संस्कृति और खान-पान का तरीका है। जैसे अलग-अलग राज्यों के खाने और रहने के तौर-तरीके भिन्न-भिन्न हैं, वैसे ही राज्य के हिसाब से साड़ी का अंदाज भी बदल जाता है। एक ही साड़ी भिन्न राज्यों में अलग-अलग ढंग और स्टाइल से पहनी जाती है।

 

महाराष्ट्र

 

महाराष्ट्र की नववारी साड़ी बहुत पॉपुलर है, कई फिल्मों में साड़ी का ये स्टाइल दिखाई देता है। नौ यार्ड की साड़ी को कुछ इस तरह पहना जाता है कि नीचे से वो धोती की तरह नज़र आती है, लेकिन ऊपर से यह साधारण साड़ी की तरह ही दिखाई देती है।


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पश्चिम बंगाल

 

बंगाल में साड़ी को पारंपरिक तरीके से पहना जाता है। इसमें आगे की ओर बड़ी-बड़ी पटलियां लगाई जाती हैं। इसके पल्लू का अंदाज सबसे आकर्षक है। इसके अलावा साड़ी के दाएं पल्लू में चाबियों का गुच्छा या छल्ला लटकाने का भी चलन है।

आंध्र प्रदेश

 

आंध्रप्रदेश में साड़ी को उल्टे हाथ से सीधे हाथ की तरफ पहना जाता है। इस तरह साड़ी पहनने पर शाही लुक नजर आता है। भारत के कई हिस्सों में आज-कल जिस तरह से साड़ी पहनी जाती है, वो इसी ट्रेडिशनल पहनावे का मॉर्डन तरीका है।

 

 

असम

 

असम में साड़ी को ट्रेडिशनल तरीके से पहना जाता है। इसमें नीचे की तरफ पटलियां लगाई जाती हैं और बची हुई साड़ी को कमर के चारों ओर त्रिकोण की तरह घुमा दिया जाता है।

गुजरात

 

गुजराती स्टाइल साड़ी भी बहुत लोकप्रिय है। वहां सीधे पल्ले की साड़ी पहनी जाती है, जिसे आम भाषा में सीधा पल्लू कहते हैं। गुजरात में साड़ी को कुछ इस तरह पहना जाता है कि उसका लुक लहंगे की तरह दिखाई देता है।



राजस्थानी स्टाइल

 

राजस्थानी साड़ी का स्टाइल गुजराती साड़ी से मिलता-जुलता है। सिर्फ पल्लू लेने का तरीका अलग होता है। जहां गुजराती स्टाइल में पल्ले को खुला छोड़ दिया जाता है, वहीं राजस्थान में इसे ब्लाउज के पीछे पिन लगाकर फिक्स कर दिया जाता है, जिसकी वजह से उनका लुक अलग आता है।

 

 

कर्नाटक

 

महाराष्ट्र की साड़ी जहां 9 यार्ड की होती है वहीं कर्नाटक की ट्रेडिशनल साड़ी 8 यार्ड की होती है। इसे दो तरीकों से पहना जाता है। एक तरीके में इसे धोती की तरह पहना जाता है, दूसरे में शरीर के ऊपरी हिस्से को ढंकने के लिए इसे नीचे से ऊपर की ओर लाया जाता है।

केरल

 

केरल में साड़ी ड्रैपिंग का तरीका बहुत मुश्किल है। इसमें साड़ी की पटलियां बीच में न लगाते हुए कमर के कोने पर लगाई जाती है। इसमें पटलियों को अंदर से बाहर की ओर लाया जाता है। यहां आमतौर पर रेश्मी साड़ियां पहनी जाती हैं।

गोवा

 

गोवा में भी साड़ी को धोती स्टाइल में पहना जाता है। नीचे से साड़ी धोती की तरह दिखती है और ऊपर से साड़ी का लुक आता है।

 


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