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सरदार वल्लभ भाई पटेल IPS अकादमी से जुड़े 23 तथ्य

Updated on 10 July, 2016 at 11:05 am By

1. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अकादमी, सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) के नाम से जानी जाती है।

2. इस संस्थान का नाम, भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रखा गया है। उन्होंने अखिल भारतीय सेवा के निर्माण तथा IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

3. IPS अकादमी का आदर्श वाक्य ‘सत्य, सेवा तथा सुरक्षा है’।

4. IPS अकादमी की स्थापना 15 सितम्बर, 1948 को माउंट आबू, राजस्थान में की गई थी। इसे साल 1975 में हैदराबाद, आंध्रप्रदेश में स्थानान्तरित कर दिया गया।

5. प्रशिक्षित अधिकारियों को उनके लिए आबंटित राज्यों में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्ति दी जाती है।

svpnpa (चित्र -साइबर सुरक्षा की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है)

6. अकादमी, भारतीय पुलिस सेवा के SP, DIG और इन्सपेक्टर जनरल स्तर के अधिकारियों के लिए, नौकरी के दौरान ही, प्रबंधन विकास कार्यक्रम संचालित करती है।

7. अकादमी सभी स्तर के पुलिस अधिकारियों के लिए तथा अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती है।

8. विदेशी पुलिस अधिकारी तथा IRS, आर्मी / IAS / IFS / CAPF / न्यायपालिका, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, राष्ट्रीय कृत बैंक, बीमा कंपनियों इत्यादि से जुड़े अधिकारी भी अकादमी के विशेष पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर अध्ययन करते हैं।

9. यह अकादमी, उस्मानिया विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है।

10. 15 सितम्बर 1988 को अकादमी के 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर, राष्ट्रपति ने अकादमी को ‘प्रेसिडेंट्स कलौर्स’ से सम्मानित किया।

11. SVPNPA अपने अनुषांगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रम के लिए सलाहकार के रूप में अपनी सेवा भी प्रदान करती है।

12. अकादमी, अपने तथा कुछ देशी और विदेशी संस्थानों के संगठन से, पुलिस विषयों पर एक शोध संस्थान के रूप में कार्य करती है।

13. अकादमी का नेतृत्व एक निदेशक करता है। यह DGP या पुलिस आयुक्त (राज्य) के रैंक का, एक IPS अधिकारी होता है।

निदेशक की सहायता के लिए दो संयुक्त निदेशक (IG या संयुक्त कमिश्नर) और 3 उप निदेशक (DIG या पुलिस अपर आयुक्त) नियुक्त होते हैं। यहां वर्तमान DG अरुणा बहुगुणा हैं।

14. अकादमी के कार्यो में निदेशक के सहयोग के लिए एक 13 सदस्यीय सहायक निदेशकों की टीम भी होती है।


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सहायक निदेशकों में राज्य कैडरों से 8 SP रैंक के IPS / SPS अधिकारी, एक फोरैंसिक वैज्ञानिक, एक न्यायिक सेवा अधिकारी तथा प्रशिक्षण प्रणाली, कंप्यूटर और वायरलेस से सम्बंधित एक एक विशेषज्ञ शामिल होते हैंं।

svpnpa (चित्र में -अकादमी में वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विशेष भोजनालय)

15. राष्ट्रीय पुलिस अकादमी 275 एकड़ में फैला हुआ है।

16. अधिकारियों का मुख्य प्रशिक्षण मिलेनियम प्रशिक्षण काम्प्लेक्स (MTC) में किया जाता है।



यह भवन एक उच्चस्तरीय खोज कही जा सकती है, जो प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए आवश्यक सामान तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है।

17. यहां एक फॉरेंसिक विज्ञान भवन है, जिसमे एक अपराध दृश्य हाल ,एक फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और एक IED मॉडल कमरा है।

18. एक सूचना प्रयोगशाला (भाषिक प्रयोगशाला), प्रशिक्षार्थी अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन में सहयोग प्रदान करती है।

19. प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को वाहन चालन, मोटरयांत्रिकी तथा पानी के अंदर जीवित रहने का एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

20. IPS भोजनलय को स्वयं प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों द्वारा एक सहयोग भावना से चलाया जाता है।

21. पुलिस विषयों के पुस्तकालय के सन्दर्भ में, अकादमी का पुस्तकालय देश के सर्वश्रेष्ठ पुस्तकालयों में से एक है।

22. एक शहीद स्तम्भ (मार्टियर्स कॉलम), देश की सेवा करते शहीद हुए अधिकारियों के सम्मान में बनाया गया है। सभी शहीद IPS अधिकारियों के नाम इस स्तम्भ पर लिखे गए हैं।

23. एक नगरीय शूटिंग रेंज व हमला प्रशिक्षण क्षेत्र, प्रशिक्षुओं को नगरीय शस्त्र हमलों को नियंत्रित करने, हथियारों के प्रयोग तथा युद्ध नीति में महारत हासिल करने में मदद करता है। उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से दृढ़ बनाना ही इनका लक्ष्य है।


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IPS अकादमी प्रशिक्षुओं को हर प्रकार की कूटनीतिक तथा प्रशासनिक विद्या प्रदान करती है। इस कारण देश का पुलिस प्रशासन विधिपूर्वक व्यवस्थित है। इसका अंदाज़ा मुंबई जैसे बड़े शहरों को, किसी भी प्रकार के हमले से रक्षा करने की सक्षमता से लगाया जा सकता है।

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