असम में 8वीं तक संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य, राज्य सरकार का ऐतिहासिक फैसला

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Updated on 1 Mar, 2017 at 7:16 pm

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देवभाषा संस्कृत को एक बार फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया है। अब असम में 8वीं तक संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है।

देश के अधिकतर हिस्सों में संस्कृत को एक ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है।

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इस बात की जानकारी ट्वीटर पर दी है।

संस्कृत को अनिवार्य करने के अलावा राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी स्कूलों में स्वच्छता अभियान की मॉनिटरिंग के लिए एक पद के निर्माण का फैसला किया है। यही नहीं, राज्य के सभी हाइस्कूल में एक कंप्युटर शिक्ष की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई है।

इससे बच्चे कम्प्युटर के प्रति न केवल जागरूक हो सकेंगे, बल्कि टेक्नोलॉजी को समझने में उन्हें मदद मिलेगी।

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