समोसा है बर्गर से ज्यादा हेल्दी, ये 5 तथ्य इस बात को करते हैं साबित

Updated on 6 Mar, 2018 at 6:43 pm

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समोसे का नाम ही मुंह में पानी लाने को काफी है। अमूमन सड़क किनारे मिलने वाले खस्ता और मसालेदार नाश्ता निस्संदेह समोसा ही है। मैदा को कई परतों में मोड़कर आलू, मटर और मसाले के साथ तैयार किया समोसा उत्तर भारत का प्रिय नाश्ता है। इतना ही नहीं, यह अलग-अलग जायकों में उपलब्ध है और लोकप्रिय भी। चाय के साथ समोसे की जुगलबंदी वाकई जबरदस्त होती है और साथ में हरी और लाल चटनी के तो क्या कहने। क्यों ये सब सुनकर आपके भी मुंह में पानी आ गया न !

देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित समोसे यहां हैं!

 

 

आजकल समोसा दुनिया के कई हिस्सों में बतौर स्नैक लिया जाता है। जहाँ कई बर्गर के दीवाने हैं वहीं हमारे देश में लोग बर्गर से ज्यादा समोसे का स्वाद लेते हैं।

तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों बर्गर की तुलना में समोसा आपकी सेहत के लिहाज से अच्छा है।

 

1.

 

 

 

समोसा ताजी सब्जियां, स्थानीय मसाले और ताज़ी सामग्रियों से बनता है। इसमें कोई अतिरिक्त प्रेज़रवेटिव नहीं मिलाये जाते हैं। विदेशी खाद्यों में प्रेज़रवेटिव अनिवार्य रूप से रहते ही हैं। एक स्वास्थ्य सर्वेक्षण में भी कहा गया है कि समोसा रासायनिक मुक्त हैं।

2.

 

 


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मैदा, उबले हुए आलू, ताजा कटे प्याज और अदरक-लहसुन से जायकेदार समोसे तैयार किए जाते हैं। वहीं बर्गर में पहले से बेक्ड हुई ब्रेड,ओवर कुक्ड पैटीज़, पुरानी सामग्री, यहां तक ​​कि स्वादिष्ट मेयो पहले से ही बनी हुई होती है।

3.

 

 

समोसा खाने से आप आसानी से 308 कैलोरी के आस-पास ले लेते हैं, जबकि बर्गर खाने से यही 295-500 कैलोरी के आसपास लेते हैं। चूंकि बर्गर कई प्रकार के होते हैं, लिहाजा कैलोरी की मात्रा अधिक हो सकती है। पनीर और मेयो की मात्रा प्रमुख कारक हैं, जो किसी भी बर्गर की कैलोरी को बढ़ाती है।

 

4.

 

 

‘बॉडी बर्डन: लाइफस्टाइल डिसीज़’ नामक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर भारतीय स्नैक्स में सिंथेटिक नहीं पाया जाता है। यहां के सॉस प्राकृतिक सामग्री से बने होते हैं, जो फल और पानी का मिश्रण होता है। हालांकि, बर्गर में थिक एजेंट, सिंथेटिक खाद्य रंग और अतिरिक्त स्वाद और संरक्षक शामिल हो सकते हैं। प्राकृतिक सामग्री की तुलना में कृत्रिम रूप से तैयार किया गया खाद्य अधिक हानिकारक होता है।

5.

 

 

स्वास्थ्य रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि नमक और चीनी की मात्रा भी बर्गर में अधिक होती है, जो शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। पैक किए गए खाद्य पदार्थों के उपभोग से अधिक स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।

हमने यहां स्वास्थ्य के लिहाज से जानकारी पेश की है। अंतिम निर्णय के लिए आप स्वतंत्र हैं!

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