बनारस में 14 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक होंगे दो बूचड़खाने, नगर निगम करेगा संचालनः रिपोर्ट

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Updated on 26 Mar, 2017 at 11:16 pm

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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही अवैध बूचड़खानों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। पिछले पांच दिन में लखनऊ से लेकर बनारस तक कई बूचड़खाने बंद कर दिए गए है और भारतीय जनता पार्टी समर्थक इस कवायद को पार्टी के चुनावी घोषणापत्र से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर बूचड़खाने बंद कर दिए जाएंगे।

इन तमाम कवायद के बीच खबर है कि बनारस शहर को दो अत्याधुनिक स्लॉटर हाउस का ‘तोहफा’ दिया गया है।

दैनिक जागरण की इस रिपोर्ट पर अगर भरोसा करें तो इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में 14 करोड़ रुपए की लागत से दो बूचड़खाने आधुनिक बनाए जाएंगे, जो इको फ्रेन्डली होंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक स्लॉटर हाउस अर्दली बाजार में है, जबकि दूसरा बेनियाबाग में। अर्दली बाजार वाले बूचड़खाने को आधुनिक बनाने का बजट सात करोड़ रुपए रखा गया है, जदकि बेनियाबाग स्लाटर हाउस का साढे़ पांच करोड़ रुपए। इन दोनों बूचड़खानों का संचालन बनारस नगर निगम द्वारा किए जाने की बात कही जा रही है। नगर निगम ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है और इसे बुधवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. असलम अंसारी शासन या सरकार को प्रेषित कर दिया है।


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दैनिक जागरण अखबार से बातचीत में डॉ. असलम अंसारी कहते हैंः

“आधुनिक स्लाटर हाउस का कार्य तेज गति से होगा। 18 माह में कार्य पूरा हो जाएगा। दोनों स्लाटर हाउस आधुनिक होंगे। उसमें द्रव शोधन संयंत्र यानी ईटीपी लगाया जाएगा जो स्लाटर हाउस को पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा। संयंत्र स्वदेशी होगा लेकिन उच्च गुणवत्ता का होगा। इतना ही नहीं स्लाटर हाउस में जानवरों के मलमूत्र से खाद बनाने की योजना है, जिसे खेती-किसानी के लिए बाजार में बेचा जाएगा। वहीं, जानवरों के खून का भी उपयोग होगा। उसके छोटे-छोटे थक्के बनाए जाएंगे जिसे मछली पालन कारोबारियों में खपाया जाएगा। इससे संबंधित उद्योग भी विकसित होगा क्योंकि ऐसे चारे से मुर्गी व मछलियों का आकार तेजी से बढ़ता है।”

डॉ. अंसारी मानते हैं कि स्लाटर हाउस आधुनिक होने की वजह से दुर्गंध या प्रदूषण की शिकायत नहीं होगी।


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