सहारियन कामगार संगठन का सांकेतिक धरना

Updated on 14 Sep, 2017 at 9:30 pm

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लखनऊ स्थित सहारियन कामगार संगठन ने सहारा प्रबंधन के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक धरना का आयोजन किया। इस बात की जानकारी संगठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि सहारा कर्मचारियों पर प्रबंधन द्वारा सामाजिक, मानसिक तथा आर्थिक शोषण व उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कर्मचारी भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।

इस विज्ञप्ति में कहा गया हैः सहारा इंडिया प्रबंधन पीड़ित कर्मचारियों के सहारियन कामगार संगठन, जिसका गठन 21.10.2016 को किया गया था, को तोड़ने, भंग करने का पूरा प्रयास कर रहा है। विज्ञप्ति के मुताबिक, कर्मचारियों को पिछले ढाई वर्षों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। यही नहीं, आरोप है कि अवसाद की स्थित बन जाने के कारण कई कर्मचारियों ने आत्महत्या कर ली है।



विज्ञप्ति में कहा गया है कि सहारा प्रबंधन की नीयत अपने कर्मचारियों का बकाया वेतन, पीएफ, ग्रैच्युटी, बोनस व लीव इन्कैशमेन्ट को हड़पने की है। इसमें मांग की गई है कि सहारा प्रबंधन ने कारगिल के शहीदों के नाम पर 17 सालों तक लगातार कर्मचारियों के वेतन से कारगिल फंड के नाम से हजारों करोड़ रुपए काटे, वे पैसे कहां गए, इसकी जांच होनी चाहिए।

धरने के दौरान कर्मचारियों के समूह को संगठन के अध्यक्ष ऋषि कुमार त्रिवेदी, उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, महामंत्री निर्भय कुमार सक्सेना, उपमंत्री आर. एलीशन कैंथिक, मीडिया प्रभारी राम तिवारी, प्रवक्ता राजकुमार श्रीवास्तव ने संबोधित किया।


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