सचिन ने डॉक्टरेट की उपाधि लेने से किया साफ़ इनकार, ऐसी वजह बताई जीता फैंस का दिल

Updated on 21 Sep, 2018 at 12:45 pm

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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को भारत में क्रिकेट के भगवान का रुतबा हासिल है। उनकी गिनती विश्व के शीर्ष बल्लेबाजों में होती है। भले ही अब सचिन ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ देशभर के लोगों के दिल में उनके लिए आज भी एक खास जगह है।

 

 


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सचिन तेंदुलकर कई बड़े ब्रांड्स के एम्‍बैस्‍डर होने के साथ राज्य सभा सांसद के रूप में मनोनित भी किए जा चुके हैं। देश में उनका ओहदा कितना ऊंचा है ये बात किसी से छिपी नहीं। अब सचिन ने एक बार फिर कुछ ऐसा किया है, जिससे उनके फैंस की नज़रोंं में उनकी इज्जत और भी ज्यादा बढ़ गई है।

 

दरअसल, पश्चिम बंगाल की जादवपुर युनिवर्सिटी ने अपने सालाना जलसे में सचिन तेंदुलकर को डॉक्टरेट की मानद उपाधि देने का फैसला किया था, लेकिन सचिन ने इस उपाधि को लेने से इंकार कर दिया।

 



 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन की ओर से यूनिवर्सिटी को एक मेल मिला है, जिसमें सचिन ने इस उपाधि को लेने में असमर्थता जताते हुए कहा है कि उनके लिए इस सम्मान को लेना नैतिक रूप से सही नहीं होगा। उन्होंने मेल में लिखा कि वो नैतिक रूप से यह उपाधि नहीं ले सकते हैं क्योंकि उन्हें लगता कि जिस उपाधि के लिए उन्होंने मेहनत नहीं की उसे स्वीकार करना करने उनके लिए वाजिब नहीं होगा।

 

 

सचिन के डिग्री लेने से इंकार करने के बाद अब पश्चिम बंगाल के गर्वनर केशी नाथ त्रिपाठी ने ये सम्मान भारतीय मक्केबाज मैरी कॉम को देने का फैसला किया है। बता दें कि इससे पहले साल 2011 में सचिन ने प्रोफेशनल कारणों के चलते राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंस से डॉक्टरेट की मानद उपाधि नहीं ली थी।


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