उत्कृष्ट वास्तुकला का नमूना है सास बहू का मंदिर

Updated on 9 Apr, 2016 at 1:15 pm

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ग्वालियर स्थित सास बहू का मंदिर उत्कृष्ट वास्तुकला का नमूना है। माना जाता है कि 11वीं सदी के उत्तरार्ध में इस मंदिर का निर्माण किया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मंदिर सास और बहू को समर्पित है।

यह भी कहा जाता है कि शानदार मुर्तिकला का यह नमूना भगवान सहस्त्रबाहु अर्थात हजार भुजाओं वाले भगवान विष्णु को समर्पित है।

इस मंदिर में शानदार नक्कासी की गई है। मंदिर के मध्य में एक वर्गाकार प्रकोष्ठ है।

इसके तीन तरफ द्वार मंडप हैं और चौथी तरफ एक गर्भगृह है, जो अब रिक्त है।

माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कच्छव राजवंश के राजा महिपाल ने करवाया था।


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यह मंदिर करीब 32 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा है। पूरे मंदिर में ब्रह्मा, विष्णु और देवी सरस्वती की प्रतिमा को उकेरा गया है।

लंबे समय तक इतिहासकारों में इस बात को लेकर मतभेद था कि यह जैन मंदिर है या हिन्दू मंदिर।

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