पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस के लिए फॉलो करें ये सदाबहार नियम

Updated on 6 Jan, 2018 at 2:05 pm

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आज़ के प्रतिस्पर्धी युग में काम के घंटे सुबह 9 से 5 की बजाय 8 से 7 हो गया है, यानी 8 घंटे की बजाय अब लोग 11 घंटे काम करते हैं। काम के घंटों में इस बदलाव का न सिर्फ़ आपकी सेहत, बल्कि रिश्तों पर भी बुरा असर पड़ता है। ऑफिस में बढ़ते वर्क प्रेशर का असर आपकी पर्सनल लाइफ पर न हो इसके लिए बहुत ज़रूरी है पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाना। यदि आप भी अपने ऑफिस और निजी जीवन में सुंतलन बनाए रखना चाहते हैं तो फॉलो करें ये नियम।

 

ऑफिस का काम घर पर न लाएं

 

भूलकर भी घर पर ऑफिस का काम लेकर न आएं और न ही घर आने के बाद फोन पर कलीग से ऑफिस की बाते करें। इससे आपके वर्क प्रेशर और टेंशन का असर बाकी फैमिली मेंबर्स पर भी होगा। साथ ही पार्टनर से रिश्ते में खटास आ सकती है। इतना ही नहीं, इससे आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है, जिससे आप डिप्रेशन में भी जा सकते हैं।

हार्ड वर्क की बजाय स्मार्ट वर्क करें

 

ज़्यादा हैरान होने की ज़रूरत नहीं है। दुनिया में बहुत से लोग हार्ड वर्क करते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही सफल हो पाते हैं और जो सफल होते हैं, वो स्मार्ट वर्क करते हैं। मतलब ये कि काम की प्राथमिकता के अनुसार उस पर समय खर्च करें। जो काम ज़रूरी है वो पहले करें और जो बेकार के काम हैं उस पर ज़्यादा समय बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं है।

‘ना’ कहना सीखे

किसी काम के लिए मना करना भी एक कला है। अगर आप घर और ऑफिस में सबके कहे अनुसार काम करते रहेंगे, तो निश्चित तौर पर तनावग्रस्त हो जाएंगे। इसलिए पति हो या बॉस उन्हें न कहना सीखे। अपनी लिमिट के बाहर जाकर कोई काम न करें।

बेझिझक मांगें मदद

 


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अगर ऑफिस में आपके पास बहुत ज़्यादा काम है और आप इससे परेशान हो गए हैं तो बेझिझक अपने सहयोगियों से मदद मांग सकते हैं। इसी तरह यदि आप बीमार है तो घर के काम में पति या दूसरे सदस्यों की मदद ले सकती हैं, लेकिन इसके लिए आपको बोलना होगा, चुप रहने से कोई मदद नहीं मिलेगी।

सेहत का ध्यान रखें

 

घर-ऑफिस में बैलेंस बनाने के लिए सबसे पहले आप अपनी सेहत का ध्यान रखें, क्योंकि जब आप हेल्दी रहेंगे तभी बाकी काम कर पाएंगे। रोज़ाना एक्सरसाइज़ करें और हेल्दी फूड खाएं। सिगरेट-शराब जैसी चीज़ों से दूर रहें।

असरदार तरीके से अपनी बात कहें

 

अगर आप किसी चीज़ से परेशान है तो उसके बारे में बोलना सीखें चाहे वो घर हो या ऑफिस। किसी भी मुद्दे पर ईमानदार राय दें और शिकायत न करें। मन में कोई बात दबाए रखना पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लाइफ के लिए अच्छा नहीं होता, इसलिए अपनी बात सही और असरदार तरीके से दूसरों तक पहुंचाना सीखें।

टाइम मैनेजमेंट

 

दिन में 24 घंटे ही होते हैं आप उसे बढ़ा तो नहीं सकते, लेकिन हां हर काम के लिए एक समय तय कर लें तो आपकी मुश्किलें कम ज़रूर हो जाएंगी। अपने घर-ऑफिस में संतुलन बनाए रखने के लिए टाइम मैनेजमेंट करना बहुत ज़रूरी है।

सबकी हां में हां न मिलाएं

 

आजकल ऑफिस में ‘यस सर’ ‘यस मैम’ बोलने का ही चलन है। कुछ ऐसा ही हाल घर का भी है आप पति या सासु मां की हर बात के लिए हां करती जाती हैं। ऑफिस में बॉस आपसे जो काम कहता रहता है आप अपनी लिमिट जाने बिना सबके लिए हां कह तो देते हैं, लेकिन बात में उसे पूरा नहीं कर पाते इससे सामने वाला तो नाखुश होगा ही आप भी तनावग्रस्त हो जाएंगे। इस स्थिति से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप सबकी हां में हां न मिलाएं। जो काम नहीं हो सकता उसके लिए ना कह दें या समय सीमा बढ़वा लें।

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