अचानक डूब गया 200 साल पुराना यह चर्च; जानिए क्यों।

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Updated on 29 Dec, 2015 at 1:21 pm

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भारत आश्चर्य की धरती है। यहां कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जिन्हें हम सिर्फ सपने में देख सकते हैं। जी हां, आज मैं जिस स्थान की बात कर रहा हूं, वहां जाकर आपको लगेगा कि वास्तव में सपनों की दुनिया यही है।

कर्नाटक के शेट्टिहाली में स्थित रोजरी चर्च को बनवाया गया था वर्ष 1860 मेंं। फ्रान्स के मिशनरियों द्वारा बनाया गया यह चर्च उन दिनों विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का केन्द्र हुआ करता था। इस चर्च के नजदीक ही एक स्कूल, अनाथालय और अस्पताल भी बनवाए गए थे।


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20वीं सदी के सत्तर के दशक में हेमवती सरोवर पर गोरुर डैम के निर्माण की वजह से सरकार ने यहां के गांवों की आबादी का अन्यत्र पुर्नवास किया। बाद में यहां आई बाढ़ में कई गांव डूब गए। और इसके साथ ही रोजरी चर्च भी डूब गया।

फिलहाल मानसून के दिनों में यह चर्च पानी में डूब जाता है और पानी उतरने के बाद यह फिर से दिखाई देने लगता है। प्रत्येक वर्ष अपने अस्तित्व की रक्षा की लड़ाई ल़ड़ रहे इस चर्च को नया नाम दिया गया है – डूबता हुआ चर्च। कहा जाता है कि भारत सरकार ने चर्च की इमारत की संरक्षा के लिए ध्यान देना शुरू किया है।

यह स्थान बेंगलुरू से करीब 80 किलोमीटर दूर है, जिसे सड़क मार्ग से 2 घंटे में पूरा कर सकते हैं।

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