रोहिंग्या आतंकियों के अत्याचार से भागकर बांग्लादेश गए हिन्दुओं की खौफनाक दास्तान

Updated on 26 Sep, 2017 at 2:31 pm

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म्यांमार में रोहिंग्या आतंकियों ने सिर्फ बौद्धों को ही निशाना नहीं बनाया था, बल्कि उनके निशाने पर हिन्दू समुदाय के लोग भी थे। दो दिन पहले ही म्यांमार सरकार ने देश के रखाइन प्रान्त में हिन्दुओं की एक सामूहिक कब्र मिलने का दावा किया था, जिनमें करीब 28 लोगों के शव दफन हैं। मृतकों में अधिकतर महिलाएं हैं। म्यांमार सरकार का दावा है कि जिन लोगों के शव मिले हैं, वे हिन्दू हैं और उनकी हत्या रोहिंग्या आतंकवादियों ने की है। अब इस इलाके से जो समाचार आ रहे हैं उससे इस बात की पुष्टि होती है कि यहां अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर रोहिंग्या आतंकियों ने भीषण अत्याचार किए, जिनमें धर्मांतरण से लेकर हत्या तक शामिल है।

डेली मेल की इस रिपोर्ट की मानें तो हिन्दुओं पर म्यांमार के रखाइन में शुरू हुए अत्याचार का यह सिलसिला थमा नहीं है, बल्कि दुर्भाग्य उनका पीछा करते हुए बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर तक पहुंच गया है। शरणार्थी शिविर में पहुंची हिन्दू महिलाओं का दावा है कि उनके सिन्दूर पोंछ दिए गए, चूड़ियां तोड़ दी गई। यहां तक कि उनका धर्म परिवर्तन कर दिया गया और मुसलमानों से शादी कर दी गई।

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में स्थित शरणार्थी शिविर में शरण लेने वाली पूजा मल्लिक का इसी महीने धर्म परिवर्तन कर राबिया बना दिया गया।

अगस्त के आखिरी सप्ताह में म्यांमार में भड़की हिंसा में पूजा के पति की मौत हो गई थी। पूजा का कहना है कि उसके पति व परिजनों को म्यांमार की सेना ने नहीं, बल्कि कुछ नकाबपोशों ने धर्म के नाम पर हत्या कर दी। हत्यारों ने उसे जिन्दा छोड़ दिया और बंदी लिया।

पिछले 25 अगस्त को रोहिंग्या आतंकवादियों ने 30 पुलिस चौकियों पर हमला कर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद से लगातार जातीय हिंसा भड़की हुई है और रोहिंग्या मुसलमान खुद को असहाय बता रहे हैं। हालांकि, उनकी बर्बरता कम नहीं हो रही है। बौद्धों के अलावा वह हिन्दुओं को भी निशाने पर ले रहे हैं।

25 अगस्त को भड़ी हिंसा के बाद करीब 100 से अधिक हिन्दू लापता बताए जाते हैं। माना जा रहा है कि रोहिंग्या मुसमानों ने इन हिन्दुओं की हत्या कर दी।


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