रोबोट हड़प लेंगी नौकरियां, जापान सहित विकसित देशों में बढ़ा बेरोजगारी का खतरा

Updated on 8 Jan, 2017 at 11:13 am

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जहां एक ओर विकासशील देशों में बेरोजगारी एक व्यापक समस्या बनी हुई है, तो वहीं दूसरी ओर रोबोटों वाला देश जापान भी इससे अछूता नहीं है। रोबोट की बढ़ती दखल के बाद बेरोजगारी समस्या बनती जा रही है।

अब तो विकसित देशों के कई रेस्तरां में सब्जियां काटने, सूप बनाने जैसे काम रोबोट कर रही हैं। कई रेस्तरां में रोबोट्स से रेसप्शनिस्ट और वेटर का काम भी लिया जा रहा है। सुरक्षा ऐजन्सियां इमारतों में छिपे अपराधियों को खोजने में ड्रोन और छोटे रोबोट का इस्तेमान कर रही है। रिमोट कंट्रोल वाले रोबोट संदिग्ध कारों की जांच में भी इस्तेमाल हो रहैं हैं।

अब जापान की कम्पनी फकोक्कू म्यूचल लाईफ इन्श्योरेन्स ने अकेले 30 से अधिक कर्मचारियों को हटाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता पद्धति वाली रोबोट्स को काम पर लगाया है, जो ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रहें हैं। कम्पनी का मानना है कि रोबोट आम कर्मचारियों से 30 प्रतिशत अधिक काम कर रहे हैं, जिससे कम्पनी को आने वाले सालों में बेहतरीन लाभ मिलने की सम्भावना है।


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वैश्विक बाजार में रोबोट की मांग बढ़ रही है। IBM कम्पनी ने रोबोट की बढ़ती मांग देखते हिए रोबोट के फीचर बढ़ा दिए हैं। अब रोबोट टैक्स, चित्र, ग्राफिक, वि़ियो एवं आडियो समझने में सक्षम हैं।

इस तरह की नई तकनीक से रोबोट की बिक्री हजारों गुना अधिक हो गई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी रोबोट को शिक्षक के सहायक के रूप में नौकरी पर रखा जा रहा है। ईलाज में क्षेत्र में ऑपरेशन के दौरान रोबोट का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

एक अध्ययन के अनुसार रोबोट की वजह से विश्व के विकसित देशों में 50 प्रतिशत तक बेरोजगारी बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है।

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