नीतीश कुमार के खिलाफ बुलंद हो रही है आवाज, अब रघुवंश प्रसाद ने किया नेता मानने से इन्कार

author image
Updated on 11 Sep, 2016 at 6:46 pm

Advertisement

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ आवाजें बुलंद हो रही हैं। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद ने नीतीश कुमार को नेता मानने से इन्कार किया है।

रघुवंश ने कहा कि वह नीतीश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री थे, इसलिए महागठबंधन ने फैसला किया वह मुख्यमंत्री बनें।

रघुवंश प्रसाद सिंह ने पूछाः

“लालू सजायाफ्ता नहीं होते तो क्या नीतीश सीएम बनते। आरजेडी जेडीयू से बड़ी पार्टी है। लालू के आभा मंडल से सरकार बनी थी, न कि नीतीश के।”

रघुवंश ने शहाबुद्दीन के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने नीतीश को जनाधारहीन नेता कहा था। गौरतलब है कि इससे पहले 11 साल बाद जेल से निकले शहाबुद्दीन ने का था कि नीतीश उनके नेता नहीं हैं, बल्कि वह परिस्थितवश मुख्यमंत्री बने।

वहीं, रघुवंश के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जनता दल यू ने कहा है लालू से पूछें कि वो नीतीश को अपना नेता क्यों मानते हैं।


Advertisement

जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा:

“जिसे देश नेता मानता हो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि राजद क्या कहती है। संजय ने रघुवंश को राजनीति में महत्वहीन करार दिया।”

इस बीच, शहाबुद्दीन की रिहाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा- बिहार में पहले ही अपराध का ग्राफ बढ़ा हुआ था, शहाबुद्दीन के बाहर आने पर कानून-व्यवस्था का पता नहीं क्या होगा।

यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार को सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता का विरोध झेलना पड़़ा है। इससे पहले भागलपुर से राजद सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने दावा किया था कि अगले साल तक मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार की तयशुदा विदायी होगी। उन्होंने कहा था कि लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री होंगे।

राजद-जद यू महागठबंधन में दरार साफ झलकने लगी है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement