नोटबंदी के समर्थन में थे अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाले थेलर, 2 हजार के नोट पर हुए थे निराश

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Updated on 10 Oct, 2017 at 9:45 pm

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अमेरिकी अर्थशास्त्री प्रोफेसर रिचर्ड थेलर को 2017 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। उनका नाम ‘बिहेवियरल इकॉनॉमिक्स’ यानी व्यावहारिक अर्थशास्त्र का सिद्धांत देनेवालों में शुमार होता है।

थेलर को उनकी ‘अर्थशास्त्र के मनोविज्ञान की समझ’ पर काम के लिए 11 लाख डॉलर राशि का यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

दरअसल, थेलर ने अपने काम और अध्ययन के जरिए अर्थशास्त्र-मनोविज्ञान के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है। थेलर का शोध व्यावहारिक अर्थशास्त्र पर केंद्रित है, जो यह पड़ताल करता है कि वित्तीय और आर्थिक बाजारों में किसी व्यक्ति, व्यक्तियों या समूहों द्वारा किए गए फैसलों पर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों का क्या असर रहता है।

आपको बता दे कि अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले रिचर्ड थेलर ने साल 2016 में भारत में हुई नोटबंदी की तारीफ की थी।  रिचर्ड थेलर ने पिछले वर्ष नवंबर में ट्वीट कर नोटबंदी का समर्थन किया था। थेलर ने ट्वीट कर लिखा था :

“यह एक नीति है जिसका मैं पहले से ही समर्थन करता आया हूं। कैशलेस की दिशा में पहला कदम और भ्रष्टाचार को कम करने की ओर अच्छी शुरुआत।”


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उधर इस पुरस्कार की वह नोटेबंदी के पक्ष में जरूर थे लेकिन यहां पर आपको यह भी बता दे कि वह 2,000 रुपए के नोट जारी करने के खिलाफ थे।

रेस में RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल थे। दिलचस्प ये है कि जिस समय नोटबंदी का ऐलान हुआ, उस वक्त RBI गवर्नर रघुराम राजन ही थे और वह नोटबंदी के फैसले के पक्ष में नहीं थे।

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