इस रिटायर्ड सैनिक ने अकेले ही लुटने से बचाए 137 करोड़ रुपए, जानिए पूरा मामला

1:31 pm 6 Mar, 2016

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एक सैनिक हमेशा ही सैनिक होता है। यह बात साबित की एक सेवानिवृत्त सैनिक ने। 11वीं कुमाऊं रेजिमेन्ट से नायक के पद से वर्ष 1999 में रिटायर होने वाले हवा सिंह यादव ने अकेले अपने दम पर 137 करोड़ रुपए लुटने से बचा लिए।

पिछले दिनों हरियाणा जब जाट आरक्षण की चिंगारी से निकले आग की चपेट में आ गया था, तब हवा सिंह यादव कर्फ्यूग्रस्त झज्जर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा में तैनात थे। गत 20 फरवरी को शाम चार बजे के बाद करीब 500 उत्पातियों की भीड़ ने बैंक पर हमला बोल दिया और एटीएम केबिन को तोड़ डाला।

51 साल के हवा सिंह ने उन उपद्रवियों का सामना करने का फैसला किया और बैंक मैनेजर की केबिन में घुसकर अपनी दोनाली बंदूक से कई फायर किए। उस वक्त बैंक की इस शाखा में करीब 137 करोड़ रुपए रखे हुए थे। यह बात संभवतः उपद्रवियों को पता थी।

उपद्रवियों ने बैंक में घुसने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन यादव ने अकेले ही उनको रोके रखा। द ट्रिब्यून की इस रिपोर्ट के मुताबिक, उपद्रवियों ने बैंक की दीवार तोड़ने की कोशिश की और वे टायर जलाकर अंदर फेंक रहे थे। हवा सिंह की गोली से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।



इस बीच, हवा सिंह पुलिस को सूचना देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने अपने परिजनों को भी इस बावत सूचित किया। शाम 6 बजे के बाद हवा सिंह का बेटा नरेन्द्र सिंह अपने कुछ दोस्तों को लेकर बैंक तक पहुंचा, लेकिन तलवार और दूसरे तरह के हथियारों से लैश उपद्रवी नहीं माने।

किसी तरह से मदद न मिलती देख वे अपने गांव खेरी खुम्मर लौटे और वहां के लोगों ने हवा सिंह यादव की मदद करना तय किया। आधी रात को गांव वाले बैंक तक पहुंचे, वहां उस वक्त भी करीब 50 लोगों की भीड़ अंदर घुसने की कोशिश कर रही थी।


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हवा सिंह यादव के परिजनों ने उपद्रवियों से उन्हें किसी तरह बचा लिया। फिलहाल हवा सिंह का इलाज गुड़गांव के आरवी अस्पताल में चल रहा है। ट्रिब्यून की इस रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से उनसे मिलने अब तक कोई नहीं पहुंचा है।


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