ड्राइविंग की इजाजत भले मिल गई हो, लेकिन सऊदी अरब की महिलाएं अब भी नहीं कर सकतीं ये काम

Updated on 29 Sep, 2017 at 6:37 pm

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लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार सऊदी अरब की महिलाओं को ड्राइविंग की इजाज़त मिल ही गई। अब वे भी पुरुषों की तरह गाड़ी चला सकेंगी, लेकिन इसके लिए उन्हें 2018 तक इंतज़ार करना होगा। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर इस फैसले की जानकारी दी। इसके लिए एक कमिटी बनाई गई है, जो एक महीने के अंदर रिपोर्ट तैयार करेगी। यह नया आदेश 24 जून 2018 तक लागू किया जाएगा।

आपके लिए ये खबर ज़रूर अजीब होगी, क्योंकि महिलाओं का गाड़ी चलाना कोई बड़ी बात नहीं है, मगर सऊदी अरब में है। आपको शायद नहीं पता होगा कि सऊदी अरब एकमात्र ऐसा देश है, जहां अब तक औरतों के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध था। फिलहाल उन्हें गाड़ी चलाने की अनुमति भले ही मिल गई हो, लेकिन अब भी बहुत सी चीज़ें महिलाएं नहीं कर सकतीं।

बार्बी डॉल खरीदने पर मनाही 

शायद ही कोई लड़की ऐसी ही जिसके पास बार्बी डॉल न हो, अपने बर्थडे पर लड़कियां यही चाहती हैं कि उन्हें कोई गिफ्ट में बार्बी दे, लेिकन आपको जानकर हैरानी होगी सऊदी अरब में महिलाओं को बार्बी डॉल खरीदने की इजाज़त नहीं है। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि बार्बी के कपड़े काफी रिविलिंग होते है और उसके पोस्चर भी उत्तेजित करने वाले है।


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ट्रायल रूम में नहीं बदल सकती कपड़ें

आप भी जब कपड़े लेने जाती होंगी, तो ट्रायल रूम में जाकर पहनकर देखती होंगी कि उसकी फिटिंग कैसी है और कलर आप पर सूट कर रहा है या नहीं, लेकिन सऊदी की महिलाओं को ये अधिकार नहीं है। जी हां, वे कपड़े खरीदने से पहले ट्राई नहीं कर सकतीं। सऊदी अरब में अधिकांश दुकानदार पुरुष ही है और वहां की वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी नहीं के बराबर है।

फैशन मैगज़ीन पढ़ने की नहीं है इजाज़त

हर लड़की और महिला फैशन मैगज़ीन के पन्ने पलटती ज़रूर है, भले ही वे उस स्टाइल और ट्रेंड को फॉलो करें या नहीं। हालांकि, सऊदी अरब की बात कुछ अलग है। सऊदी अरब में ऐसी मैगज़ीन्स देखने को भी नहीं मिलती हैं। आप और हम जो मैगज़ीन देखते हैं, वे उन तक उस रूप में नहीं पहुंचती, बल्कि उसे सेंसर और एडिट करके महिलाओं को दिया जाता है, क्योंकि वहां की सरकार का मानना है कि मैगज़ीन में फीचर की गई लड़कियां सऊदी की महिलाओं की तरह पूरे बदन ढंके कपड़े नहीं पहनती हैं, इसलिए उसे सेंसर किया जाता है।



बिना पुरुष गार्जियन के कहीं नहीं जा सकतीं

इस देश की महिलाएं कहीं भी अकेले नहीं जा सकतीं। बिना महरम के वो घर से नहीं निकल सकतीं। मरहम शब्द आमतौर पर उनके घर के किसी भी पुरुष सदस्य के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिनका काम महिला की निगरानी करना होता है। जाहिर सी बात है इससे वो कहीं भी आज़ादी से घूम नहीं सकतीं। इतना ही नहीं इस देश में महिलाओं को बैंक अकाउंट खोलने और बिज़नेस शुरू करने की भी इजाज़त नहीं है।

नहीं कर सकतीं पुरुषों से बात

इस देश की महिलाओं को पुरुषों से बात करने की इजाज़त नहीं है चाहे वो घर हो या बाहर। यहां तक की यहां कि सार्वजनिक स्थल स्कूल, बस, यूनिवर्सिटी और बैंक तक में दोनों के लिए अलग व्यवस्था है, ताकि उनका आमना-सामना न हो। यदि कोई महिला इस नियम को तोड़ती है तो उसे कड़ी सजा दी जाती है। इसके अलावा यहां की महिलाओं को अपनी मर्जी से शादी का भी अधिकार नहीं है।

बहरहाल, ये तो बस बानगी भर है इस देश की महिलाओं पर लगे प्रतिबंध की फेहरिस्त काफी लंबी है।


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