आखिर इतने पुराने नोटों का क्या करेगा भारतीय रिजर्व बैंक?

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Updated on 13 Nov, 2016 at 11:38 am

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अब तक करीब 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक 500 और 1000 रुपए के नोटों की शक्ल में बैंकों में जमा कराए जा चुके हैं। बैंक से लेकर अलग-अलग सरकारी प्रतिष्ठानों में लोग पुराने नोट जमा कर रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय रिजर्व बैंक आखिर इतने पुराने नोटों को लेकर क्या करेगा?

बताया गया है कि रिजर्व बैंक इन नोटों को खत्म करने की तैयारी में जुटा है।

बताया गया है कि इन पुराने नोटों की श्रेडिंग (चूर-चूर) की जाएगी, क्योंकि इन्हें रिसाइकिल नहीं किया जा सकता है। श्रेडिंग करने के बाद इन्हें पिघलाकर कोयले की ईंटें तैयार की जाएंगी और फिर इन्हें कॉन्ट्रैक्टर्स को दे दिया जाएगा। इन ईंटों का इस्तेमाल सड़कों पर पड़े गड्ढों को भरने में काम आेगा।


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मार्च 2016 में देश में 15,707 मिलियन 500 रुपए के नोट प्रचलन में थे। वहीं, 1000 रुपये के नोटों की संख्या 6,326 मिलियन थी।

दुनिया में ऐसे नोटों का तरीका अलग-अलग तरीके से किया जाता है।

ठंडे देशों में प्रचलन से बाहर गए नोटों को जलाकर इमारतों को गर्म रखा जाता है। वर्ष 1990 तक बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से बैंकों के निपटान के लिए इसी तरीके को अपनाया जाता था। बात में बैंक ऑफ इंग्लैंड ने प्रचलन से बाहर हुए नोटों की खाद तैयार करना शुरू किया। इसे खेतों में डाला जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरकता बढ़ती है।

वर्ष 2012 में यूरोपीय देश हंगरी में प्रचलन से बाहर किए गए नोटों को जला दिया गया था, ताकि गरीब लोग सर्दी में आग सेंक सकें।

जो नोट बच गए उनकी ईंटें तैयार की गईं और फिर उन्हें मानवाधिकार संगठनों को सौंप दिया गया।

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