राफेल सौदाः रिलायन्स और दसाल्ट लगाएंगे संयुक्त उद्यम, 22 हजार करोड़ रुपए का अनुबंध

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Updated on 3 Oct, 2016 at 5:49 pm

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राफेल फाइटर जेट के निर्माता दसाल्ट एविएशन और अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रियालंस समूह ने संयुक्त उद्यम लगाने की घोषणा की है। दोनों कंपनियों के बीच यह अनुबंध 22 हजार करोड़ रुपए में हुआ है।

इस समझौते के क्रियान्वयन के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी दसाल्ट रिलायंस एयरोस्पेस प्रमुख कंपनी होगी।

राफेल फाइटर जेट्स के लिए भारत और फ्रान्स के बीच पिछले 23 सितंबर को समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत भारत को 36 राफेल प्लेन्स मिलेंगे। दोनों देशों के बीच यह सौदा करीब 59,000 करोड़ रुपए में हुआ है।

माना जा रहा है कि यह देश का अब तक सबसे बड़ा ‘ऑफसेट’ अनुबंध है। इस अनुबंध के तहत कहा गया है कि इसका 74 फीसदी हिस्सा भारत से आयात किया जाएगा। इसमें प्रद्योगिकी साझेदारी की बात भी कही गई है। करीब 22 हजार करोड़ रुपए का सीधा कारोबार होने का अनुमान है।


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तमाम मुद्दों पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साथ चर्चा हो रही है।

मेक इन इंडिया अभियान को मिलेगा बढ़ावा

दसाल्ट एविएशन और रियालंस समूह के बीच इस समझौते से देश में मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, दूसरी तरफ यह समझौता रक्षा क्षेत्र में हाल में ही आए रिलायंस समूह के लिए उत्साहवर्धक है।

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