दिल्ली के लाल किले को अपना बता बैठा पाकिस्तान

Updated on 16 Jun, 2017 at 1:20 pm

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पाकिस्तान फेंकने के चक्कर में भूल गया कि लालकिला भारत में है। उसने इसे लाहौर स्थित बता दिया और इसकी फोटो दिखाई,जिसपर भारतीय झंडा स्पष्ट दिख रहा था।

शेंघाई कॉर्पोरेशन आर्गेनाइजेशन (SCO) के एक कार्यक्रम में पाकिस्तान एक मजेदार गलती कर बैठा। इस मौके पर भारत और पाकिस्तान, दोनों ही SCO के बाकी सदस्य राष्ट्रों के आगे अलग-अलग प्रदर्शनियों द्वारा अपनी ऐतिहासिक विरासत का परिचय दे रहे थे।

शाहजहां की विश्व-विख्यात स्थापत्य कला को अपनी विरासत का हिस्सा बताने के चक्कर में पाकिस्तानी दल ने एक प्रदर्शनी के दौरान दिल्ली स्थित लाल किले की एक तस्वीर दिखाई। इस तस्वीर में लाल किले पर भारत का तिरंगा लहरा रहा था।


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पाकिस्तान की इस प्रदर्शनी में लाल किले के अंदर स्थित संगमरमर के महलों और सजावटी झीलों का भी जिक्र किया गया था। वहीं, भारत ने अपनी प्रदर्शनी में लाल किला और ताज महल को जगह दी।

अपने एक्सहिबिशन में ताज महल का परिचय देते हुए भारत ने कहा-

“यह सफेद संगमरमर से बना विशाल मकबरा है। मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पसंदीदा बेगम मुमताज महल की याद में इसे बनवाया था। ताज महल का निर्माण 1631 में शुरू हुआ और 1648 में यह बनकर तैयार हुआ। ताज महल भारत में मुस्लिम स्थापत्य कला की बेहतरीन और नायाब मिसाल है। इसे दुनिया भर में एक नायाब वैश्विक विरासत का दर्जा हासिल है।”

पाकिस्तान भारत से ही अलग हुआ देश है, लिहाजा उसका इतिहास भारत से जुड़ा हुआ है, लेकिन वह कुछ चुनिन्दा प्रतीकों को ही खुद का इतिहास बताता है। वह केवल भारत पर आक्रमण करने वाले मुस्लिम आक्रांताओं के समय से ही अपने इतिहास की पहचान करता है।

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