इन पांच वजह से रुपए की हालत हो गई है खराब, करेगा 70 के पार!

Updated on 29 Jun, 2018 at 6:02 pm

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रुपए की हालत खराब है। डॉलर के मुकाबले रुपए का लगातार गिरना अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है। 28 जून को रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह 68.89 पर खुला और 69.10 तक पहुंचा, लेकिन फिर नीचे आ गया और आखिरकार 68.61 पर बंद हुआ। रुपए के गिरते मूल्य की वजह क्रूड ऑयल का महंगा होना माना जा रहा है। इसके अलावा बैंक और इंपोर्टर्स की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से भी रुपए में कमजोरी आई।

 

रुपए की हालत खराब होने के पीछे ये हैं मुख्य वजह।

 

1. ट्रेड वॉर का खतरा

 


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अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव और बयानबाजी की वजह से ग्लोब्ल ट्रेड वॉर की आशंका जताई जा रही है। इस वजह से मुद्रा कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है। क्रूड ऑयल की कीमतें भविष्य में भी बढ़ेंगी, जिस वजह से रुपए पर दबाव बना रहेगा।

 

 

2. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना

 

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से भी रुपए की कीमतों में गिरावट आई है। अमेरिका ने भारत समेत सभी देशों से 4 नवंबर तक ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद करने को कहा है और उसकी बात न मानने वालों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। इसी के बाद से कच्चे तेल की कीमते बढ़ गईं।

 

 

3. आरबीआई की रिपोर्ट का असर

 



रिजर्व बैंक हाल ही में फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुसार, बैंकिंग इंडस्ट्री की हालत भविष्य में और बदतर हो सकती है। मार्च 2018 में सभी बैंकों का ग्रॉस एनपीए 11.6 फीसदी था, जो मार्च 2019 तक 12.2 फीसदी तक बढ़ सकता है। रिजर्व बैंक के इस रिपोर्ट की वजह से भी रुपए पर दबाव बढ़ा है।

 

 

4. बाज़ार विनिमय दर

 

माना जा रहा है कि रुपए की कीमतों में गिरावट की एक वजह उभरते बाज़ारों के विनिमय दर भी हैं, जो अधिकांशतः डॉलर के सहारे चलते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर के मूल्य में इज़ाफा और यूरो में एक संयम की वजह से भी डॉलर को मज़बूती मिली है।

 

 

5. मैक्रो अर्थव्यवस्था के हालात

 

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआईएस) ने इस साल अब तक 40,000 करोड़ के ऋण और इक्विटी बेच दिए हैं, जिससे रुपए की हालत खराब हो गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों के लगातार करेंसी आउटफ्लो की वजह से रुपए की कीमत घटती जा रही है।

 

रुपए की हालत हो गई खराब (Reasons Crash In Rupee)

thehindubusinessline


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