हेलेन को है शास्त्रीय नृत्य में महारत, लेकिन प्रसिद्धि मिली आइटम नंबर से।

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Updated on 6 Sep, 2017 at 8:19 pm

अगर आपने सर्वकालिक हिट फिल्म ‘शोले’ देखी है तो हेलेन पर फिल्माया गया गाना ‘महबूबा-महबूबा’ गाना भूले नहीं होंगे। जी हां, अभिनेत्री हेलेन रिचर्डसन खान ने अपने शानदार नृत्य की वजह से बॉलीवुड में एक खास पहचान बनाई थी।

उनका जन्म 21 नवंबर 1938 को तात्कालीन वर्मा में हुआ था, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उनका परिवार मुम्बई आकर बस गया। शुरूआती दिनों से ही हेलेन को नृत्य से बेहद लगाव था और भारतीय शास्त्रीय नृत्य में उन्होंने बकायदा शिक्षा भी ली थी।

हेलेन ने अपने समय के जाने-माने नृत्य निर्देशक पी.एल. राज से भरतनाटयम और कथक सीखा, हालांकि हेलेन को प्रसिद्धि मिली कैबरे और बैले नृत्य से।


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वह हेलेन ही थीं, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में आइटम नम्बर को खास पहचान दिलाई थी और समय बीतने के साथ बेहतरीन आइटम गर्ल बन गईं। करियर के एक मुकाम पर पहुंचने बाद उन्होंने फिल्म लेखक सलीम खान से शादी रचा ली।

1951 में फिल्म ‘आवारा’, 1958 में ‘हावड़ा ब्रिज’ हेलेन के करियर में खास मुकाम रखते हैं। ‘हावड़ा ब्रिज’ में उन पर फिल्माया हुआ गाना मेरा नाम चिन चिन चू’ दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।



इस दौरान हेलेन की आवाज बनीं आशा भोंसले। उन्होंने हेलेने के लिए फिल्‍म ‘तीसरी मंजिल’ में ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’, फिल्म ‘कारवां’ में ‘पिया तू अब तो आजा’, मेरे जीवन साथी में ‘आओ ना गले लगा लो ना’ और डॉन में ‘ये मेरा दिल यार का दीवाना’ गीत गाया। बाद में सुपरहिट फिल्म शोले में हेलेन पर फिल्माया गया, ‘महबूबा-महबूबा’ गाना चर्चित रहा था।

हेलेन ने ‘डॉन’, ‘इन्कार’, ‘कालीचरण’, ‘अपराध’, ‘अनामिका’ जैसे हिट फिल्मों में काम किया और अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।

वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म ‘लहू के दो रंग’ के लिए हेलेन को सवश्रेष्ठ सह नायिका के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं उनके उल्‍लेखनीय योगदान के लिए हेलेन को पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।


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