अमेरिका और ब्रिटेन में प्रतिवर्ष रेप के लाखों मामले, फ्रांस में गैंगरेप बड़ी समस्या

Updated on 18 Apr, 2018 at 7:21 pm

बलात्कार या रेप की घटनाओं में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी मौजूदा समय में समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर खड़ी है। आप चाहे अखबार उठाइए या कोई समाचार चैनल खोल लीजिए, हर जगह बलात्कार की इन काली घटनाओं का जिक्र दिखाई पड़ता है। इन मामलों की भयावहता देश के सभी जिम्मेदार नागरिकों को हमारे समाज का नैतिक विश्लेषण करने पर मजबूर करती नजर आ रही है।

 

 

एक अहम सवाल यह है कि क्या वाकई हमारे समाज का नैतिक मूल्य इतना गिर चुका है?

 

यह सवाल तो सभी के मन में चल रहा है, लेकिन इसका जवाब देने की हिम्मत शायद ही किसी के पास हो। मीडिया में बलात्कार की इन घटनाओं की तीव्रता देखकर लगता है मानो आजादी के 70 सालों बाद भी हम अपनी बेटियों की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं हो पाए हैं। इस मामले में अक्सर लोग भारत की तुलना अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस या चीन जैसे देशों के साथ करते नजर आते हैं। देखकर ऐसा लगता है कि इन विकसित देशों ने बलात्कार की समस्याओं पर काबू पा लिया हो, लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो आंकड़े ही बता पाएंगे।

आइए एक नजर इन प्रमुख देशों में हो रही बलात्कार की घटनाओं पर डालते हैं।

 

अमेरिका में हर साल इतनी महिलाओं के साथ होता है रेप

आपको शायद यह जानकार हैरानी होगी, लेकिन अमेरिका जैसे देश में भी हर साल लगभग 3 लाख से भी अधिक महिलाएं बलात्कार की शिकार होती हैं। ऐसा हम नहीं, बल्कि अमेरिकी न्याय विभाग के आंकड़ें कहते हैं। इतना ही नहीं, कुछ अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में होने वाले बलात्कार के कुल मामलों में से केवल 54% में ही रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है।

 

 

अमेरिकी सेना में भी सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं

अमेरिकी सेना से जुड़ी रिपोर्ट और भी अधिक चौंकाने वाली है। साल 2016 में दुनिया की सबसे ताकतवर, यूएस आर्मी में बलात्कार के करीब 16 हजार मामले दर्ज किए गए। यूएस आर्मी में शामिल महिला सैनिकों में से करीब 25% ने किसी न किसी तरह के यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

 

इंग्लैंड & वेल्स की हालत भी है खराब

यूनाइटेड किंगडम के इन दो महत्वपूर्ण हिस्सों में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ यहां हर साल लगभग 85,000 महिलाओं के अलावा एवं 12,000 आदमियों का बलात्कार भी होता है। कुल-मिलाकर यदि देखा जाए तो यहां हर घंटे बलात्कार की लगभग 11 घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।

हैरानी की बात यह है कि इंग्लैंड जैसे देश में यौन हिंसा पीड़ितों में से केवल 15% ही रिपोर्ट दर्ज करवाते हैं।

 

फ्रांस में गैंगरेप है एक बड़ी समस्या

आमतौर पर फ्रांस की छवि बेहद साफ़-सुथरी सी नजर आती है, लेकिन बलात्कार की कालिख इस यूरोपीय देश का चेहरा भी काला कर रही है। साल 2012 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक़ फ्रांस में हर साल बलात्कार की 75 हजार घटनाएं होती हैं। इसके अलावा फ्रांस में गैंगरेप या सामूहिक बलात्कार भी एक बड़ी समस्या है।

साल 2014 की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था कि फ्रांस में हर साल 5 से 7 हजार मामले सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े होते हैं। साल 2012 में 2 लड़कियों ने पेरिस के बाहरी इलाके में उनके साथ होने वाले सामूहिक बलात्कार का खुलासा किया था। एक पीड़िता ने बताया था कि उसका बलात्कार करने के लिए लगभग 50 लड़के कतार में खड़े थे।

 

पड़ोसी देश चीन में ऐसे हैं हालात

संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया, जब चीन के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आदमियों से पूछा गया कि क्या उन्होनें कभी किसी महिला के साथ सेक्स के लिए जबरदस्ती की है? तो लगभग 23% का जवाब था ‘हां’। हालांकि, चीन की सरकार ने कभी इस बात को स्वीकार नहीं किया और इसी वजह से चीन में रेप की घटनाओं के कोई आधिकारिक आंकड़े मौजूद नहीं हैं।

 

मध्य अफ्रीका के इस देश को कहा जाता है ‘रेप कैपिटल ऑफ़ द वर्ल्ड’

विकसित देशों के हालातों से रूबरू होने के बाद आप गरीबी से जूझ रहे अफ्रीकी देशों की स्थिति का अंदाजा लगा ही सकते हैं। मध्य अफ्रीका में स्थित छोटे से देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो को दुनिया में बलात्कार की राजधानी का दर्जा मिला हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यहां हर साल बलात्कार की लगभग 4 लाख से भी अधिक घटनाएं होती हैं।

अब सोचने वाली बात यह है कि जब दुनियाभर में हालात इतने बदतर हैं तो हमें इनकी जानकारी क्यों नहीं हो पाती? दरअसल दुनिया के अधिकांश देशों की मीडिया इस तरह की खबरों को नकारात्मक खबरों की श्रेणी में डालकर इसका बेहद सीमित या नगण्य प्रसारण करती है। इसके विपरीत हमारे देश में इन खबरों को बेहद प्रमुखता के साथ बार-बार दिखाया जाता है।

इन सभी आंकड़ों के साथ यह कहा जा सकता है कि बलात्कार या महिलाओं के यौन उत्पीड़न की समस्या केवल हमारे देश की नहीं, बल्कि पूरी मानव सभ्यता की समस्या बन चुकी है। जब इंसान अपनी इंसानियत ही कायम न रख पाए तो वह पूरे समाज के पतन का कारण बन जाता है। यदि इंसानियत का स्तर इसी दर से गिरता रहा तो आने वाले समय में बलात्कार की घटनाएं और भी आम हो जाएंगी, इसलिए बेहतर है कि देर होने से पहले हम नींद से जाग जाएं।

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