‘रैनसमवेयर’ अटैक से अपने सिस्टम को ऐसे रखें सुरक्षित, देश के 70 फीसदी एटीएम चपेट में

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Updated on 16 May, 2017 at 5:22 pm

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दुनियाभर के 150 से ज्यादा देशों के करोड़ों कंप्यूटरों को निशाना बनाने वाले ‘रैनसमवेयर’ से मची खलबली के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को अलर्ट जारी किया है। कम्प्यूटर लॉक कर फिरौती मांगने वाले रैनसमवेयर ‘वानाक्राई’ ने दुनियाभर में डर कायम कर रखा है।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि सभी बैंक एटीएम का साफ्टवेटर अपडेट रखें, क्योंकि रैनसमवेयर ने दुनिया भर में पेमेंट सिस्टम यानी कि भुगतान प्रणाली पर हमला किया है।

रैनसमवेयर एक तरह का वायरस है, जो एटीएम को मेंटेनेंस मोड पर ले जाता है, जिससे नोट आसानी से बाहर आ जाते हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी एटीएम निर्माता एनसीआर कॉर्प ने करीबन एक महीने पहले ही भारतीय बैंकों को बैंकिंग सिस्टम के लिए घातक इस खतरनाक वायरस के बारे में चेता दिया था। जिसके बाद सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम करते हुए 50 लाख सरकारी सिस्टम्स को अपग्रेड किया है। साथ ही संवेदनशील मंत्रालयों को स्टैंडअलोन मोड पर कार्य करने की सलाह दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में कुल 2.2 लाख एटीएम हैं। ज्यादातर एटीएम माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के पुराने वर्जन पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में वे साइबर हमलों का शिकार आसानी से हो सकते हैं।

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केरल और पश्चिम बंगाल के इलाकों में इस वायरस के अटैक की खबरें हैं। देश में करीबन 70 फीसदी एटीएम में आउटडेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस लिहाज से ये  साइबर हमलों के लिए बेहद असुरक्षित हैं।

कैसे करें इस वायरस से अपने सिस्टम का बचाव:

अपने कंप्यूटर में एंटी वायरस और विंडोज के पैच को अपडेट रखें।

ई-मेल में संदिग्ध लिंक दिखे तो क्लिक न करें।

स्पैम मेल बिना खोले डिलीट कर दें।



न ही संदिग्ध अटैचमेंट खोलें या डाउनलोड करें।

पैन ड्राइव स्कैन करके ही यूज करें।

अगर वायरस रन होना शुरू हो जाए तो सबसे पहले नेटवर्क केबल हटा दें। उसके बाद कंप्यूटर को शट डाउन कर दे।

रेगुलर डेटा बैकअप ले रहे हैं तो रैन्समवेयर से प्रभावित फाइल भी रिकवर कर सकते हैं।

अगर वायरस के कारण आपका कम्प्यूटर लॉक हो गया है तो भी हैकर को फिरौती न दें। ये उनके कार्य को बढावा देगी। वे भविष्य में आपसे वसूली की कोशिश कर सकते हैं।

आपको बता दें कि जिन अन्य देशों पर यह साइबर हमला हुआ है उनमें ब्रिटेन, अमेरिका, चीन, रूस, स्पेन, इटली, वियतनाम और कई दूसरे देश भी शामिल हैं। इन सभी देशों में रैनसमवेयर ने एक साथ हमला किया। साइबर हमले का असर 150 से ज्यादा देशों तक पहुंच गया है और इसने 2 लाख से ज्यादा कम्प्यूटर्स पर असर किया है।


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