Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

भारत की गौरवशाली संस्कृति व परंपरा का प्रतीक है श्री रंगनाथस्वामी मंदिर

Published on 26 July, 2017 at 5:07 pm By

तमिलनाडु में स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इसका निर्माण कब हुआ था इसके बारे में अलग-अलग जानकारियां मिलती हैं। हालांकि, कहा जाता है कि इसका श्री रंगनाथस्वामी मंदिर का निर्माण 10वीं सदी से पहले हो गया था। यह वैभवशाली मंदिर तमिल वास्तुकला शैली का अनन्य उदाहरण है। इसमें भगवान विष्णु के विभिन्न रूपों को प्रदर्शित करने वाले 108 देवता हैं। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त यहाँ आते हैं। इस मंदिर में श्रद्धालु सोने के आभूषण और हीरे जवाहरात भी दान करते हैं। यह मंदिर कला और इतिहास के संदर्भ में एक अलग स्थान रखता है। आईए जानते हैं इस मंदिर के बारे में कुछ और रोचक तथ्य।


Advertisement

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर दुनिया के बड़े हिन्दू मंदिरों में एक है।  हालांकि, क्षेत्रफल की दृष्टि से कोलंबिया का अंगकोर वाट मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है, लेकिन अब वह कार्यशील नहीं है। रंगनाथस्वामी मंदिर 631,000 स्क्वायर मीटर में फैला हुआ है। इसकी परिधि 4 किलोमीटर है। श्री रंगनाथस्वामी मंदिर ने प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही इस्लामिक और यूरोपीय हमलावरों का सामना भी किया है।                                             

मुख्य प्रवेश द्वार को राजगोपुरम के रूप में जाना जाता है। यह करीब 72 मीटर ऊंचा है। यहां दिसंबर व जनवरी महीने में 21 दिन का त्यौहार मनाया जाता है, जिसमें करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु भाग लेते हैं। 

यह मंदिर द्रविड़ बास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। यह दक्षिण भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैष्णव मंदिरों में से एक है।

स्तंभों पर लिखे शिलालेख चोल और पंड्या भारतीय राजवंशों की कहानी कहते हैं। 

संगम युग के तमिल साहित्य में उपलब्ध पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार यह शिलालेख 10वीं सदी के हैं। मंदिर में 21 गोपुरम (टॉवर), 39 मंडप, 50 तीर्थस्थल, अइरम काल मंडपम (1000 स्तंभों का एक हॉल) और कई छोटे जल निकाय शामिल हैं।                                        

बाहरी दो प्रकर्मों (बाहरी आंगन) के भीतर मंदिर से संबंधित चीजों की पेशकश करने वाली कई दुकानें हैं। 1000 स्तंभों का हॉल वास्तव में केवल 953 स्तंभों से बना है।

यह ग्रेनाइट से बना हुआ है और पुराने मंदिर की जगह पर विजयनगर काल (1336-1565) में इसका निर्माण किया गया था।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, मंदिर में स्थापित देवता की भगवान राम के द्वारा पूजा की जाती थी और रावण पर राम की जीत के बाद उन्हें राजा विभीषण को सौंप दिया गया था। वापस लंका जाने के रास्ते में, भगवान विष्णु विभिषण के सामने प्रकट हुए और इस स्थान पर रंगनाथन के रूप में रहने की अपनी इच्छा व्यक्त की।



13वीं शताब्दी में, अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मलिक काफुर ने इस क्षेत्र पर हमला किया और मंदिर से मूर्ति को लूट लिया। इस प्रतिमा को दिल्ली ले जाया गया था। हालांकि, करीब 60 साल बाद इस मूर्ति को एक बार फिर मुख्य मंदिर में स्थापित कर दिया गया। कहा जाता है कि मूर्ति की वापसी में वैष्णव गुरु पिल्लै लोकचर्यर का बड़ा हाथ रहा था।                                                     

यहां प्रतिदिन 200 भक्तों को मुफ्त भोजन कराया जाता है। 

अन्नदाम योजना के अंतर्गत भोजन की पेशकश की जाती है और तमिलनाडु सरकार के हिन्दू धार्मिक और एन्डॉमेंट बोर्ड द्वारा मौद्रिक शर्तों का पालन किया जाता है। मंदिर परिसर की दीवारों को हर्बल और प्राकृतिक रंगों के उपयोग से उत्तम चित्रों के साथ चित्रित किया गया है।

यह मंदिर भारत की गौरवशाली संस्कृति व परंपरा का प्रतीक है। यहां स्थापित मुख्य देवता की मूर्ति स्टुको (प्लास्टर) से बनी हुई है, ग्रेनाइट से नहीं।

स्टुको (प्लास्टर) चूने, मोर्टार और पत्थरों का संयोजन है जो कस्तूरी, कपूर, शहद, गुड़ और चन्दन के मिश्रण से बनता है। मंदिर परिसर में 2 बड़े जलकुंड हैं। इनके नाम हैं चंद्र पुष्करिणी और सूर्य पुष्करिणी।

इस परिसर को इस तरह से बनाया गया है कि एकत्रित पानी सीधा जलकुंडों में जाता है। प्रत्येक पुष्करिनी की क्षमता करीब 2 मिलियन लीटर है और इसमें मछलियों द्वारा पानी साफ करने की परंपरा है। मंदिर में एक लकड़ी की मूर्ति जिसे यना वाहना कहा जाता है। मान्यता है कि इस वाहन पर  भगवान विष्णु बैठते हैं।


Advertisement

 

Advertisement

नई कहानियां

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!


जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका

जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका


प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें


ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं

ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं


Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं

Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Culture

नेट पर पॉप्युलर