‘भारत माता की जय’ मामले में विवादित बयान देकर घिरे बाबा रामदेव

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Updated on 2 Sep, 2017 at 3:39 pm

योग गुरु बाबा रामदेव अब एक नए विवाद में घिर गए हैं।

हरियाणा के रोहतक में ‘भारत माता की जय‘ विवाद पर एक बयान देते हुए बाबा ने कहाः “हमारे हाथ कानून से बंधे हैं, वरना कोई भारत माता का अपमान करे, तो एक क्या लाखों का सिर काटने का साहस रखते हैं।”

वह इशारों में एमआईएम सांसद असद्उद्दीन ओवैसी के उस बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई उनकी गर्दन तलवार पर रख दे तो भी वह ‘भारत माता की जय‘ नहीं बोलेंगे।

इस मामले में राजनीतिक पारा गरम हो गया है। कांग्रेस और राजद सरीखे राजनीतिक दलों ने योग गुरु पर सीधा हमला बोला है।

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता संजय झा ने ट्वीट करते हुए कहा है कि संघ की बैठक में बाबा रामदेव की सिर कलम करने की धमकी एक हिंसक गतिविधि और लोगों को भड़काने की कार्रवाई है। मिस्टर मोदी आपके एक्शन का इन्तजार है।


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वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने बाबा के बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि वह देश में हिन्दू तालिबान पैदा करना चाहते हैं।

राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा है कि राष्ट्रपिता  महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कभी भारत माता की जय नहीं कहा। वह जय हिन्द कहा करते थे। रामदेव राष्ट्रवाद को पंतजलि के उत्पादों के साथ मिलाकर न पेश करें।

वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने बाबा रामदेव के बयान से खुद को अलग रखा है।

वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा: “हर भारतवासी के दिल में देशप्रेम है। भारत माता की जय कहना कोई फैशन नहीं है, इसे पैशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर विवाद नहीं होना चाहिए। जिसे कहना है कहे, जिसे नहीं कहना न कहे, लेकिन गाली न दे।”

गौरतलब है कि इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि लोगों को भारत माता की जय कहना सिखाना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अोवैसी ने कहा था कि अगर कोई उनके गर्दन पर चाकू भी रख दे, तब भी वे भारत माता की जय नहीं कहेंगे।

अभी हाल ही में इस मामले में दारुल उलूम देवबंद ने भी एक फतवा जारी करते हुए कहा है कि मुसलमानों को भारत माता की जय नहीं कहना चाहिए।


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