टीवी का ये रावण है भगवान राम का परम भक्त, 80 साल की उम्र में पहचानना हुआ मुश्किल

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7:54 pm 19 Oct, 2018

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90 के दशक की रामायण याद है! रामानंद सागर की वो ही रामायण जिसके टीवी पर आते ही सड़कें खाली हो जाती थी। लोग अपने-अपने टीवी सैटों के आगे बैठ जाते थे। उस ज़माने में इस शो की टीआरपी मिल्खा सिंह से भी तेज़ दौड़ती थी। आज के समय में भी जब बात रामानंद सागर की रामायण की आती है तो उसका एक-एक किरदार हमारे दिमाग में आ जाते हैं। राम-सीता, भरत, लक्ष्मण , हनुमान या फिर रावण, हर किरदार आज तक लोगों के ज़हन में बसा हुआ है।

 

 

ऐसा ही एक किरदार था रावण। रामानंद सागर की रामायण में रावण का किरदार अरविंद त्रिवेदी ने निभाया था। गरजती आवाज़ और पहाड़ सा शरीर वाले उस रावण की छाप अरविंद त्रिवेदी पर ऐसी पड़ी कि लोग आज भी उन्हें रावण के नाम से ही जानते हैं।

 

 

रामानंद सागर ने रावण के रोल के लिए करीबन 300 कलाकारों का ऑडिशन लिया  था। जब अरविंद त्रिवेदी ने रावण के गेटअप में अपना ऑडिशन दिया तभी फ़ौरन बिना देरी किए रामानंद सागर ने कह दिया यही मेरा रावण बनेगा।

 

 

मूल रुप से इंदौर से ताल्लुक रखने वाले अरविंद लंका नरेश के रोल में ऐसे खपे की रामायण के इतर भी उन्हें खलनायकों के रोल मिलने लगे।


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उस समय अपनी कद-काठी, भारी आवाज़ से लोगों के दिलों में राज करने वाले टीवी के रावण अरविंद त्रिवेदी अब काफ़ी कमजोर हो गए हैं। 80 साल के हो चुके अरविंद अब ज़्यादातर समय घर पर ही रहते हैं। वो रावण का चेहरा और आज के अरविंद त्रिवेदी का चेहरा बिलकुल बदल चुका है। जिन लोगों को उनका रावण का रूप याद है वो इन्हें अब पहचान भी नहीं पाएंगे।

 

 

असल ज़िन्दगी में राम के भक्त अरविंद का बचपन मध्य प्रदेश में बीता लेकिन वो गुजरात में ही पले बढ़े। अरविंद के बड़े भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती थियेटर के जाने-माने आर्टिस्ट रहे। अपने भाई को देखकर ही अरविंद एक्टिंग की लाइन में आए थे।

 

 

अरविंद त्रिवेदी ने रंगमंच पर काफ़ी दिनों तक काम किया। कम ही लोग जानते हैं अरविंद त्रिवेदी ने रामायण के अलावा गुजरात और हिंदी की करीब 300 फ़िल्मों में भी काम किया हुआ है।

 

 

अरविंद ने ‘रामायण’ के बाद ‘विश्वामित्र’ नाम का सीरियल भी किया। लेकिन 90 के ही दशक में अरविंद टीवी सिरियल्स से दूरी बनाकर राजनीति में शामिल हो गए। लोकसभा का चुनाव लड़ा और उसमें जीत भी हासिल की।

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