राम रहीम की ‘लुटेरी सब्जी’ मंडी में बिकता था 5000 रुपये का एक पपीता और 1000 रुपये की एक मिर्च !

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Updated on 7 Sep, 2017 at 5:48 pm

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दो साध्वियों से यौन शोषण के मामले में रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब खुद को ‘गॉडमैन’ कहने वाले इस बाबा को लेकर एक और नया खुलासा हुआ है, जिसे जानकार आप भी हैरत में पड़ जाएंगे।

कहा जा रहा है कि राम रहीम धर्म के नाम पर अपने भक्तों को महंगी सब्जियां और फल बेचा करता था, जिसे वह भगवान का प्रसाद बताता था।

सिरसा में 700 एकड़ में फैले अपने डेरे के बड़े हिस्से में राम रहीम खेती किया करता था। वह डेरे में उगाई गई सब्जियों को कई गुना ऊंची कीमतों में बेचकर करोड़ों रुपए कमा रहा था।

राम रहीम भगवान के प्रसाद के नाम पर अपने भक्तों को 5000 रुपये का एक पपीता और एक हरी मिर्च एक हजार रुपये में बेचता था।

वहीं बैंगन एक हजार से दो हजार तक का होता था। छोटे बैंगन की कीमत जहां एक हजार रुपए होती, तो बड़े बैंगन की कीमत 1500 से 2000 में  थी। इसके अलावा एक टमाटर के लिए एक हजार रूपए की कीमत तय थी। राम रहीम की इस लुटेरी सब्जी मंडी में मटर के पांच दानों का पैक 1000 रुपए में मिलता था।


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खबरों के मुताबिक, सब्जी को भक्तों के घर पहुंचाने का जिम्मा भंगीदारों का होता था। ये एक ऐसी चेन थी, जो उस भक्त के घर तक सब्जी पहुंचाते थे, जो इसे खरीदता था।

भक्तों की आंखों में अंधभक्ति का काला चश्मा ऐसा चढ़ा हुआ था कि उनमें बाबा की इन सब्जियों को लेने की होड़ लगी रहती थी। जिन्हें भी ये सब्जियां मिलती वो खुद को धन्य मानते। भक्तों का मानना था कि उनके राम रहीम ‘पिता जी’ ने अपने हाथ से इन सब्जियों को उगाया है। इन्हें खाने से उन्हें बीमारी नहीं होगी। अब इसे अंधविश्वास ही कहेंगे कि लोग इन सब्जियों को लाखों रुपयों में भी खरीदते थे।

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