37 साल के बाद इस बार रक्षाबंधन है कुछ खास, जानिए क्या है दुर्लभ संयोग

Updated on 21 Aug, 2018 at 6:32 pm

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जितने भी पर्व होते हैं उनमें रक्षाबंधन खास होता है। इसमें बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग भी उत्साह से मनाते हैं। भाई-बहन के प्यार का ये पर्व हर्ष-उल्लास का होता है। आजकल तो लोग इसे कुछ ज्यादा ही धूमधाम से मनाने लगे हैं। इस बार ये 26 अगस्त को मनाया जानेवाला है और उस दिन रविवार भी है। शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से अधिक फल मिलता है।

 

 

आपको बता दें कि सावन पूर्णिमा 25 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर आरम्भ हो जाएगी। अगले दिन 26 अगस्त की शाम 5 बजकर 25 मिनट पर पूर्णिमा समाप्त होगी, लिहाजा रविवार सुबह से लेकर शाम तक राखी बंधा सकते हैं। हालांकि, यदि आप अच्छे मुहूर्त में ऐसा करते हैं तो संबध में प्रगाढ़ता बनी रहेगी।

 

ये है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

 


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बताया जा रहा है कि इस बार 37 साल बाद रक्षाबंधन पर ऐसा योग बन रहा है। इस बार के रक्षाबंधन में भद्रा काल नहीं है बल्कि धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। इस बार 26 अगस्त को सुबह 5.59 से लेकर दोपहर 3.37 बजे तक राखी बांधना उचित होगा।

 

 

बताए गए समय के बीच ही राखी बांधें, क्योंकि दोपहर 3.38 से 5.13 बजे तक यम घंटा तो वहीं शाम 4:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। सबसे ख़ास बात यही है कि इस बार राखी के अवसर पर भद्रा काल नहीं रहेगा जो कि अशुभ मान गया है। भद्राकाल सूर्योदय से पहले ही दूर हो जाएगा। ये शुभ संयोग 37 सालों के बाद आ रहा है जो कि बहुत ही पावन और दुर्लभ है।

 

 

रक्षाबंधन के दिन इस बार राजयोग भी बन रहा है। राजयोग में राखी बांधने पर बहनों का सौभाग्य और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है। इतना ही नहीं, इससे भाई का भाग्य चमकता है।

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