अपने देश में भी चलेंगी ग्लास सीलिंग वाली ट्रेनें, रेल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

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Updated on 12 Oct, 2016 at 1:48 pm

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अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही भारत में स्विटजरलैन्ड के रेलवे की झलक देखने को मिलेगी। दरअसल, भारतीय रेल स्विस रेलवे की तर्ज पर शीशे की सीलिंग वाली लग्जरी ट्रेन्स चलाने पर विचार कर रहा है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल दिसंबर महीने से देश के दो रेल रूट कश्मीर तथा दक्षिण भारत के अराकू वैली में धनी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ग्लास सीलिंग वाले ट्रेन चलाए जाएंगे। इस ट्रेन के सीट्स कुछ इस तरह होंगे कि यात्रियों को पैर रखने की भरपूर जगह मिले। साथ ही सीट्स को आगे-पीछे खिसकाया जा सके।

IRCTC के प्रबंध निदेशक व चेयरमैन ए के मनोचा कहते हैं कि यह ट्रेन हाईटेक होगी। वह कहते हैं कि स्विटजरलैंड जैसे कई देशों में ग्लास सीलिंग वाले ट्रेन्स का चलन है। भारत इस तरह की कोशिश रेल पर्यटन को बढ़ावा देगी।

गौरतलब है कि भारत, दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले देशों में से एक है। यहां करीब ढ़ाई करोड़ लोग रोजाना ट्रेन में सफर करते हैं। हालांकि, लंबे समय से बदइंतजामी की वजह से भारतीय रेल बदहाल स्थिति में है।

पर्यटन के लिहाज से महाराजा एक्सप्रेस और पैलेस ऑन व्हील्स जैसी ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनमें यात्रा बेहद महंगी है। इन ट्रेनों में यात्रा सिर्फ धनी पर्यटक ही कर सकते हैं।



ग्लास सीलिंग वाली ट्रेन के एक कोच की कीमत करीब 4 करोड़ रुपए होगी।

यह ट्रेन केन्द्र में नरेन्द्र मोदी सरकार की उस योजना का हिस्सा होगी, जिसमें रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने की बात कही गई है। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष में रेलवे का हुलिया सुधारने के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है।


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