समय की पाबंद हुईं ट्रेनें, गाजियाबाद-मुगलसराय रेल मार्ग पर उल्लेखनीय सुधार

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Updated on 7 Sep, 2016 at 9:02 pm

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रेल मंत्री सुरेश प्रभु के नेतृत्व में भारतीय रेल सही पटरी पर आगे बढ़ रही है।

फाइनेन्सियल एक्सप्रेस में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद-मुगलसराय रेल मार्ग में सुधार होने के बाद ट्रेनों के समय से पहुंचने में काफी सुधार आया है। अप्रैल-अगस्त महीनों के दौरान मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों ने अपने प्रदर्शन में चार प्रतिशत से अधिक की सुधार की है। और इस तरह अब समय की पाबंदी की दर 80.83 फीसदी हो गई है।

समाचार एजेन्सी पीटीआई के हवाले से छपी इस खबर में कहा गया है कि पिछले साल अगस्त में रेलवे की समय की पाबंदी की कुल दर 81.62 प्रतिशत थी जो इस साल बढ़कर 82.09 प्रतिशत हो गई।

गाजियाबाद-मुगलसराय रेल कॉरीडोर को देश के व्यस्ततम रेल कॉरीडोर में एक माना जाता है। इस रूट पर प्रतिदिन करीब 120 ट्रेनों का परिचालन होता है। इस रूट पर इलाहाबाद, अलीगढ़, मोरादाबाद, टुन्डला, बरेली, इटावा, कानपुर सेन्ट्रल, लखनऊ, मिर्जापुर व वाराणसी सऱीखे महत्वपूर्ण स्टेशन हैं।

रिपोर्ट में मोबिलिटी निदेशालय के एक वरिष्ठ रेल अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि 761 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद-मुगलसराय रेल मार्ग पर किए गए कई सुधारों के कारण ट्रेनों की समय पाबंदी की समग्र दर में बढ़ोतरी हुई।

गौरतलब है कि ट्रेनों के देरी से चलने की काफी शिकायतें मिलने के बाद रेलवे ने यात्री सेवा में समय की पाबंदी सुधारने तथा मालगाड़ियों के आवागमन को तेज करने के लिए एक मोबिलिटी निदेशालय का गठन किया गया है।

पिछले साल अप्रैल-अगस्त के दौरान मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की समय की पाबंदी की दर 76.66 प्रतिशत थी जो अब 80.83 प्रशित हो गयी। इस तरह इसमें 4.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

इसके अलावा 2015 में लोकल ट्रेनों की समय की पाबंदी की दर 73.99 प्रतिशत थी जो इस साल इस अवधि में बढ़तर 77.45 प्रतिशत हो गया।


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