आखिर क्यों रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर ‘समुद्र तल से ऊंचाई’ लिखना जरूरी होता है!

Updated on 20 Feb, 2018 at 6:14 pm

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आपने ट्रेन के सफ़र के दौरान स्टेशनों पर लगे बोर्ड पर गौर किया हो या नहीं लेकिन देखा जरूर होगा। उस बोर्ड पर स्टेशन के नाम के साथ ही समुद्र तल से ऊंचाई के बारे में अवश्य ही लिखा होता है। आखिर क्यों हरेक स्टेशन पर ऐसा लिखा होता है, आइए हम आपको वजह बताते हैं!

पहले नीचे दिए स्टेशन बोर्ड को एक बार फिर देख लीजिए!

गौरतलब है कि समुद्र तल से ऊंचाई वैज्ञानिकों द्वारा तय मानक है। समुद्र तल एक सामान होता है, लिहाजा समुद्र तल से ऊंचाई की अपनी अहमियत है और इस हिसाब से ऊंचाई की गणना बेहद सहज है। सिविल इंजीनियरिंग में इस माप का खासा इस्तेमाल किया जाता है। आइए अब स्पष्ट करते हैं कि आखिर ये जानकारी कहां उपयोग में आती है।

ड्राइवर और गार्ड को मिलती है मदद

स्टेशन के बोर्ड पर समुद्र ताल से ऊंचाई लिखे होने से रेल के ड्राईवर और गार्ड को मदद मिलती है। उन्हें इससे ये ज्ञात होता है कि ट्रेन किस ऊंचाई पर चल रही है। उदाहरण के लिए माना कि ट्रेन 100 मीटर समुद्र तल की ऊंचाई से ट्रेन 150 मीटर समुद्र तल की ऊंचाई पर जा रही है, जिससे वे ट्रेन की स्पीड और बिजली के तारों से कनेक्शन बनाए रखते हैं।


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इस सूचना से ट्रेन के संचालन में मदद मिलती है। ड्राइवर और गार्ड का ध्‍यान इस पर जाए इसीलिए बोर्ड पर ही स्टेशनों के नाम के साथ ही समुद्र तल से ऊंचाई की सूचना दी जाती है। साथ ही इससे रेल यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी इसकी जानकारी रहती है।

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