सालभर में 14 करोड़ के कंबल चुराकर ले गए रेल यात्री

Updated on 17 Nov, 2018 at 5:31 pm

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8 मई 1853 से शुरू हुआ भारतीय रेल का नेटवर्क एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। इस नेटवर्क पर भारत सरकार का स्वामित्व है यहां लाखों की सख्यां में कर्मचारी काम करते हैं। यात्रियों की सख्यां भी करोड़ो में है। इन यात्रियों में मध्यम वर्गीय परिवारों से लेकर हाई क्लास के लोग शामिल हैं। दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही यात्रियों की सख्यां को देखते हुए रेल मंत्रालय सुविधाओं को दुरुस्त करने में कोई कोताही नही बरतना चाहता, लिहाज़ा पैसेंजर्स को बेहतर सुविधाएं देने की हर मुमकिन कोशिश की जाती है।

लेकिन हाल के दिनों में सरकार के सामने कुछ ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं जिसके बाद शायद आपको रेलवे में अब तक दी जा रही सुविधाएं न मिले। दरअसल, रेलवे को पता चला है कि ट्रेन में चादर और तकिए चोरी हो रहे हैं।

 



ट्रेन में चादर और तकिए चुरा लेते हैं यात्री- Passengers Steal Bedsheet And Pillows In Indian Railway

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रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को जानकारी दी है कि अब तक ट्रेनों से लगभग 14 करोड़ के कंबल और तौलिए चोरी किए जा चुके हैं। दरअसल वातानुकूलित यानि एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों को तौलिए, चादर कंबल दिए जाते हैं जो धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं। एक आंकड़े के अनुसार बीते वर्ष लगभग 21 लाख बेडरोल आइटम गायब हो चुके हैं। जिसमें 12 लाख से ज्यादा तौलिए, 5 लाख के करीब चादरें,  3 लाख तकिए के कवर और 56 हजार तकिए के साथ-साथ लगभग 56 हजार के कंबल शामिल हैं, जिसकी चलते ये मामला रेल  विभाग के सामने एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा हैं।
ट्रेन में चादर और तकिए चुरा लेते हैं यात्री- Passengers Steal Bedsheet And Pillows In Indian Railway

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रेलवे ट्रेन में चादर और तकिए चोरी होने के लिए उच्च श्रेणी कोच में यात्रा करने वाले पैसेंजर्स को ज़िम्मेदार मान रहा है। रोज़ाना एसी कोचों में यात्रियों को लगभग 3.9 लाख किट दी जाती हैं, जिसमें प्रत्येक यात्री को 2 चादर, 1 तौलिया, 1 तकिया साथ ही 1 कंबल भी दिया जाता है जो यात्रा खत्म होने के बाद यात्री चोरी करके अपने साथ ले जाते हैं।
ट्रेन में चादर और तकिए चुरा लेते हैं यात्री- Passengers Steal Bedsheet And Pillows In Indian Railway
इस गंभीर समस्यां का समाधान ढ़ूंढते हूए रेलवे विभाग ने एक फैसला लिया है कि सभी एसी कोच में यात्रियों को सुविधाएं वैसे ही मिलती रहेंगी जैसी अब तक मिलती आई हैं, लेकिन  तौलिए अब तौलिए की जगह यात्री नैपकिन का उपयोग करेंगे। साथ ही ट्रेन में चादर और तकिए अब महंगे नहीं होंगे, यात्रियों को सस्ते और डिस्पोजेबल क्वालिटी का सामान दिया जाएगा।

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