होटेल-रेस्तरां में कहीं आप कुत्ते-बिल्ली का मांस तो नहीं खा रहे?

Updated on 27 Apr, 2018 at 6:19 pm

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मांसाहार चलन में है और आजकल यह खाने-खिलाने वालों की पहली पसंद हो गई है। लिहाजा कदम-कदम पर नॉनवेज खानागाह मिल जाते हैं।

 

जब बात कोलकाता की हो तो यहां खाने खाने पर आकर ही बात अटकती है।

 

यहां लोग स्वाद और खाने को लेकर कुछ ज्यादा ही संजीदा हैं, लेकिन यहां से आ रही एक खबर आपको आहात कर सकती है। कोलकाता ही नहीं, इस तरह की घटना के तार और भी शहरों में लगातार फ़ैल रहे हैं।


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दरअसल, नॉनवेज खाना अब उतना सुरक्षित नहीं रह गया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के राजाबाजार क्षेत्र में छापे के दौरान जानवरों के मांस प्रोसेस करने की जानकारी मिली। एक बर्फ फैक्ट्री में कुत्ते-बिल्ली या इस तरह के जीवों के मांस को प्रोसेस करके बाजार में उतारने का भंडाफोड़ हुआ है। ये मांस प्रोसेस किए जाने के बाद बड़े होटलों और रेस्तरां में बड़े स्तर पर खपाया जाता था। बुधवार को रातभर चले छापेमारी में पैक्ड और बिकने के लिए तैयार मरे हुए जानवरों के लगभग 20 टन मांस जब्त किए गए।

 

 

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मरे हुए जानवरों का मीट लेकर जा रहे तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस बात की आशंका पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों को थी, जो छापेमारी के बाद सही साबित हुई। ये महज एक घटना नहीं है, बल्कि यह पूरा उद्योग है जो शहर में विकसित हो रहा है और मांस के नाम पर लोगों को कुत्ते-बिल्ली या अन्य जीव का मांस खिलाया जा रहा है।

छापेमारी से मिले तथ्य चौंकाने वाले हैं। हो सकता है इनके तार कोलकाता और पश्चिम बंगाल ही नहीं बाहर भी जुड़े हों।

 



 

मामले में पुलिस ने 9 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कोलकाता नगर निगम ने किसी परिणाम पर पहुंचने से पहले साइंटिफिक टेस्ट की बात की है।

केएमसी के अतिन घोष ने कहा हैः

‘मांस के टेस्ट के लिए सेंट्रल फरेंसिक साइंस लैब से संपर्क में हैं। साथ ही दक्षिण 24 परगना जिले के बज बज पुलिस पृथक जांच कर रही है। चूंकि फ्रेश मीट में मरे जानवरों के मांस मिलाए जाते थे, लिहाजा जांच सहज नहीं लगता है।’

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मरे हुए जानवरों के मांस को केमिकल के साथ माइनस 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में रिफ्रिजरेट कर 20 किलो का पैकेट तैयार किया जाता था। ऐसे हजारों पैकेट सप्लाई किए जाते थे। आरोपियों की मानें तो मरे जानवरों को बज बज, सोनारपुर और कल्याणी के कूड़ाघर से लाया जाता था।

 

इस घटना को जानने के बाद लोग होटल-रेस्तरां में नॉनवेज आर्डर करने से पहले सौ बार सोचेंगे!

सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं।


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