भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नई जान फूंकने वाले रबीन्द्रनाथ की ये उक्तियां आज भी प्रासंगिक हैं

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Updated on 7 Aug, 2016 at 3:59 pm

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रबीन्द्रनाथ ठाकुर ने बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूंकी थी। भारतीय साहित्य के एकमात्र नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ महान युगदृष्टा थे। उनकी ये 10 उक्तियां आज भी प्रासंगिक हैं।

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