सिंधु वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी को मात दे सेमीफाइनल में पहुंची, भारत पहले पदक से सिर्फ एक जीत दूर

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Updated on 3 Nov, 2016 at 7:00 pm

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रियो ओलंपिक में एक बड़ा उलटफेर होते हुए बैडमिंटन में भारतीय खेमे में एक अच्छी खबर आई है।

रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी चीन की वांग यिहान को क्वार्टर फ़ाइनल में सीधे सेटों 22-20, 21-19 से  हराकर बैडमिंटन के महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है।

 

21 वर्षीया सिंधु रियो में अपना पहला ओलंपिक गेम खेल रही है। ओलंपिक में पदक हासिल करने के लिए उनको महज एक और जीत की दरकार है। अगर सेमीफाइनल में सिंधु को जीत हासिल होती है तो ओलंपिक में भारत को बैडमिंटन में दूसरा पदक मिलेगा। इससे पहले 2012 के लंदन ओलंपिक में साइना नेहवाल ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।

इस जीत के साथ सिंधु ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली दूसरी महिला भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं हैं।


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ओलंपिक के सेमीफ़ाइनल में पीवी सिंधु का मुक़ाबला जापान की नोज़ोमी ओकुहारा से होगा, जिन्होंने इसी साल बैडमिंटन का विम्बल्डन कही जाने वाली प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड प्रतियोगिता जीती है।

सिंधु ने धमाकेदार खेल दिखाते हुए चीनी चुनौती को ध्वस्त कर दिया। पहले सेट में पीवी सिंधु ने जबर्दस्त ढंग से खेलते हुए शुरुआत में थोड़ा पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए सेट अपने नाम किया। दूसरा सेट भी उन्होंने कड़े मुकाबले में जीता।

 

2009 में एशियन बैडमिंटन चैंपियनशीप में कांस्य पदक जीतकर सिंधु ने करिश्माई प्रदर्शन किया था। साल 2013 में पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशीप में भारत के लिए कांस्य पदक जीता।  2013 में ही सिंधु ने मलेशियन ओपेन का खिताब अपना नाम किया।

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