महाराष्ट्र हिंसा का जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद लिंक, भड़काऊ भाषण देने का आरोप

Updated on 3 Jan, 2018 at 7:02 pm

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200 साल पुराने युद्ध की सालगिरह पर महाराष्ट्र में हिंसा भड़क उठी। इसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। और अब इसको लेकर आरोपों का दौर जारी है। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी कि युद्ध की सालगिरह मनाई गई। वह भी एक ऐसा युद्ध की जिसमें अंग्रेजों से भारतीय पेशवा की सेना हार गई थी।

महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा कोरेगांव युद्ध की 200वीं सालगिरह मनाई जा रही थी और इस दौरान हिंसा भड़क उठी।

हिंसा भड़काने के आरोप गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद पर लगे हैं, जिन्होंने कार्यक्रम के दौरान भाषण दिए थे। कार्यक्रम सोमवार 1 जनवरी को आयोजित हुआ था। हालांकि, अब इस पर जमकर राजनीति शुरू हो गई है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, मंगलवार को अक्षय बिक्कड और आनंद डॉन्ड नाम के दो युवकों ने पुणे के डेक्कन पुलिस स्टेशन में जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद के विरुद्ध लिखित शिकायत की। आरोप है कि जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण दिए, जिससे हिंसा भड़क गई।


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भीमा कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ के दौरान सोमवार को पुणे में दलित समूहों और दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों के बीच संघर्ष का माहौल बन गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने 160 से ज्यादा बसों को नुकसान पहुंचाया। इस मामले में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

इसके बाद ही विपक्षी राज्य सरकार को घेरने में लगी हुई है। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे हिंसा मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हिंसा में मारे गए युवक के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने की बात की है। साथ ही युवक के मौत की सीआईडी जांच करने की बात की जा रही है।

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