भारत में बनी इस एक रुपए की टॉफी ने विदेशी कंपनियों को पछाड़ा, 2 साल में 300 करोड़ से अधिक का कारोबार

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Updated on 9 Mar, 2017 at 4:18 pm

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क्या कभी आप सोच सकते हैं कि एक रुपए की बिकने वाली टॉफी महज दो सालों में 300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर सकती है ? भारत में बनी एक टॉफी पल्स कैंडी ने आजकल पूरे देश को दीवाना बनाया हुआ है।

इस टॉफी की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि इसने बाजार में आने के दो साल के अन्दर ही 300 करोड़ रुपए की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। इस टॉफी को रजनीगंधा बनाने वाली कंपनी ‘डीएस ग्रुप’ ने बनाया है।

पल्स कैंडी ने कमाल करते हुए कई विदेशी कंपनियों को पछाड़ दिया है। जहां 2011 में भारत में लॉन्च हुई ओरियो की बिक्री 283 करोड़ रुपए रही। वहीं, 2011 में ही आया एक और प्रोडक्ट मार्स बार्स की 270 करोड़ की बिक्री रही। जबकि, पल्स कैंडी ने 300 करोड़ से अधिक का बिजनेस कर मल्टीनेशनल कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।

कच्चे आम के स्वाद वाली इस पल्स कैंडी को रजनीगंधा और कैच पानी बनाने वाली कंपनी डीएस (धर्मपाल और सत्यपाल) ग्रुप ने  2015 में बाजार में उतारा था।

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इस कैंडी ने बाजार में उतरते ही सिर्फ 8 महीने के भीतर ही 100 करोड़ रुपए की बिक्री का जादुई आंकड़ा पार कर लिया था।

आपको बता दें कि भारत में कैंडी कारोबार 6,600 करोड़ रुपए का है। हर साल इस कारोबार में 12 से 14 प्रतिशत तक बढोतरी हो रही है। पल्स कैंडी, पार्ले की मैंगो बाइट और इटली की कंपनी ऐल्पेन्लिबे को सीधे तौर पर टक्कर दे रही है। पल्स कैंडी दो सालों में ही पार्ले और ऐल्पेन्लिबे के बाद तीसरे नंबर पर आ गई है।

भारत में प्रतिस्पर्धा को देखते हुए पल्स कैंडी का यह प्रदर्शन वाकई प्रशंसनीय है।


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