आपकी नाक के नीचे हो रहे हैं ये 6 सार्वजनिक घोटाले और आपको इसकी भनक तक नहीं लगती

4:06 pm 4 Jun, 2018

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भारत को घोटालों का देश कहें तो गलत नहीं होगा, हर दिन नए-नए घोटाले सामने आते रहते हैं। ऐसा नहीं है कि जब मीडिया किसी घोटाले की खबर नहीं दिखाता तो देश में घोटाले होते ही नहीं है। होते तो तब भी हैं, बस किसी कारणवश मीडिया तक इसकी खबर नहीं पहुंच पाती या फिर कई बार वो इसे दिखाना ही नहीं चाहती।

भारत में हर दिन होने वाले सार्वजनिक घोटाले।

 

वैसे भी मीडिया तभी घोटालों पर स्पेशल रिपोर्ट दिखाती है, जब उसका वास्ता किसी राजनेता या राजनीतिक पार्टी से हो, लेकिन असल में घोटाले इन तक ही सीमित नहीं हैं। 2जी और कोयला घोटाले के अलावा हर दिन कुछ सार्वजनिक घोटाले होते रहताे हैं और आपको इसकी भनक तक नहीं लगती।

1. ग्राहक को बिना बताए वैल्यू एडेड सर्विस एक्टिवेट करना

 

कभी अचानक अपने आप कॉलर ट्यून एक्टिवेट हो जाती है तो कभी कोई और सर्विस। आपके साथ ऐसा होता है तब आप तो कस्टमर केयर वालों को फोन पर झाड़ देते होंगे। हालांकि, भारत में अशिक्षित लोगों की बड़ी तदाद है, जिन्हें टेलिकॉम कंपनियों की ये धोखाधड़ी समझ ही नहीं आती। अक्सर बुज़र्गों और अशिक्षित लोगों के साथ ऐसा होता है, वो अक्सर परेशान रहते हैं कि रीचार्ज कराने के बाद भी उनके फोन का बैलेंस हर दूसरे-दिन इतना कम कैसे हो जाता है। उन्हें क्या पता कि उन्हें बिना बताए टेलीकॉम कंपनियां उनकी जेब काट रही हैं।

 

सार्वजनिक घोटाले (Public scam india)

 

2. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट रिपेयिरंग करने वाले ज़्यादा पैसे चार्ज करता है

 

कोई भी इलेक्ट्रॉनिक आइटम खराब होने पर लोग उसे तुरंत फेंकते तो हैं नहीं, रिपेयर कराने के लिए दुकान में ले जाते हैं। चूंकि इन गैजेट्स के पार्ट्स के बारे मे हर किसी को तो जानकारी होती नहीं है, ऐसे में रिपेयर करने वाले की चांदी हो जाती है। वो 100 रूपए के काम के लिए आपसे 500 रुपए लेता और आपको खबर भी नहीं लगती। आमतौर पर लोग टेक्निशियन पर विश्वास करते हैं और अगर वो 100 रुपए की जगह मशीन ठीक करने के लिए 1000 भी मांगें तो लोग दे देते हैं और इस तरह से घोटाले का शिकार हो जाते हैं। इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप जो मशीन रिपेयर करवाने ले जाते रहे हैं उसके पार्ट्स के बारे में थोड़ी ऑनलाइन रिसर्च कर लें।

इसे भी सार्वजनिक घोटाले की श्रेणी में रखा जाएगा।

 

सार्वजनिक घोटाले (Public scam india)

 

3. पेट्रोल पंप के कर्मचारी अनजान बनकर आपको उल्लू बनाते हैं

 

अगर कोई ग्राहक पेट्रोल भराते समय सर्तक नहीं रहता, तो पेट्रोल पंप कर्मचारी आसानी से उन्हें चूना लगा देते हैं और ग्राहक को कुछ पता भी नहीं चल पाता। अक्सर वो ऐसे बर्ताव करेंगे जैसे कि उन्होंने कुछ सुना ही नहीं।

उदाहरण के लिए यदि किसी ग्राहक ने 500 रुपए का पेट्रोल डालने को कहा और बोलने के बाद अपने फोन में व्यस्त हो गया तो कर्मचारी बस 100 रुपए का बटन दबाकर पेट्रोल की पाइप टंकी में लगाए रहता है और यदि ग्राहक फिर भी नहीं देखता तो वो कहेगा हो गया साहब, जबकि असल में वो पेट्रोल की मशीन चालू ही नहीं करता है। फिर जब ग्राहक कहेगा कि अरे मैंने 100 नहीं 500 रुपए कहा था तो माफी मांगकर 400 रुपए का पेट्रोल दोबारा डाल देता है। ग्राहक ये समझकर 500 रुपए दे देता है कि पूरा पेट्रोल डला है, लेकिन असल में पेट्रोल तो सिर्फ 400 रुपए का ही है और 100 रुपए का उसे घाटा हुआ। ऐसा अक्सर होता रहता है, मगर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं।


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सार्वजनिक घोटाले (Public scam india)

 

4. ऑनलाइन विक्रेता एडवांस पैसे मांगकर आपको चूना लगाते हैं

 

यदि किसी ने नई-नई ऑनलाइन शॉपिंग शुरू की है खासतौर पर क्विकर और ओएलएक्स जैसी साइट्स पर, तो वो आसानी से धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है। आमतौर पर ऐसी साइट्स पर विक्रेता पहले तो बहुत ही कम कीमत में कोई सामान दिखाता है और जब ग्राहक वो सामान खरीदने के लिए तैयार हो जाता है तो उससे कहा जाता है कि विक्रेता भारत का नहीं है, लेकिन फिर भी हम आप तक सामान पहुंचा देंगे। इसके लिए ग्राहकों को एक शर्त पूरी करने के लिए कहा जाता है। उनसे कहा जाता है कि वे सामान की आधी कीमत एडवांस में ऑनलाइन ट्रांस्फर के ज़रिए दें। अधिकांश ग्राहक सस्ते सामान के लालच में पेमेंट कर देते हैं और अपने प्रोडक्ट का इंतज़ार करते रहते हैं, लेकिन वो प्रोडक्ट उन तक कभी पहुंचता ही नहीं है।

 

सार्वजनिक घोटाले (Public scam india)

 

5. जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त चार्ज

 

आम भारतीयों की टैक्स में कोई रुची नहीं रही है, लेकिन पिछले साल जीएसटी लागू होने के बाद से लोगों की टैक्स में पहले के मुकाबले दिलचस्पी बढ़ी ज़रूर है, मगर फिर भी ज़्यादातर लोग इसे समझ नहीं पाते और लूट का शिकार हो जाते हैं।

टैक्स कैलकुलेट कैसे किया जाता है इस बारे में जानकारी न होने की वजह से ही होटल मालिक और दुकानदार जीएसटी के नाम पर ग्राहकों की जेट काट रहे हैं और लोगों को कुछ समझ ही नहीं आता। दो तरह से जीएसटी का ज़बर्दस्त दुरुपयोग किया जाता है, पहला तो टैक्स के दायरे के बाहर की वस्तुओं और सेवाओं के पर भी जीएसटी लगाना और कोई सामान खरीदने पर लिखी हुई कीमत के अतिरिक्त जीएसटी वसूलना, जबकि सामान की कीमत में सभी तरह के टैक्स पहले ही जुड़े होते हैं। जागरूकता के अभाव में लोग बेवकूफ बन रहे हैं।

 

सार्वजनिक घोटाले (Public scam india)

 

6. एलपीजी के डिलिवरी के लिए अतिरिक्त पैसे चार्ज करना

 

घर तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए भी अतिरिक्त पैसे चार्ज किए जाते हैं और लोग डिलिवरी बॉय को पैसे दे भी देते हैं, लोगों को लगता है कि उसे 10-20 रुपए देने से भला उनका क्या बिगड़ जाएगा। सिलेंडर की डिलीवरी करने वाला शख्स आप से मजदूर के नाम पर पैसे मांगता है, लेकिन उसे तो इस काम के लिए सैलरी मिलती ही है और क्या आपने सोचा कि आपके अतिरिक्त पैसों का जिक्र बिल पर क्यों नहीं होता? दरअसल, ये पैसे डिलिवरी करने वाले शख्स की जेब में जाता है और हर घर से इसी तरह पैसे मांगकर वो कम से कम महीने के 50000 तक कमा लेता है, तो क्या आपको ये घोटाला नहीं लगता।

 

सार्वजनिक घोटाले (Public scam india)

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